देहरादून ,
उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों के जरिए बाहरी लोगों को बसाने के मामलों के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पिछले तीन सालों के भीतर बनाए गए स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की जांच के निर्देश दिए हैं। सीएम ने आदेश दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम धामी ने सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की, जो करीब चार घंटे चली। इस बैठक में उन्होंने कानून व्यवस्था मजबूत करने, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य स्थापना दिवस पर साझा किए गए अगले 25 वर्षों के विजन के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए।
बैठक से जुड़े मुख्य बिंदु:
1. फर्जी निवास प्रमाण पत्रों की जांच
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पिछले 3 सालों के भीतर जारी सभी स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की गहन जांच होगी।
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गलत दस्तावेज बनवाने या बनवाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
2. पर्यटन और शीतकालीन यात्रा की तैयारियाँ
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सड़कों, पेयजल, पार्किंग और अन्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश।
3. स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
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अस्पतालों में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश।
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महिला और बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती पर अपडेट मांगा।
4. सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
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दिल्ली में हाल ही में हुए ब्लास्ट के मद्देनज़र बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की सघन चेकिंग का आदेश।
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सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों पर निगरानी तेज करने के निर्देश।
5. आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कार्य तेज
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ठंड से बचाव के लिए व्यापक इंतज़ाम किए जाएं।
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पुनर्निर्माण कार्यों की गति बढ़ाई जाए और अधिकारी स्वयं मौके पर निरीक्षण करें।