देहरादून ,
उत्तराखंड अब मेडिकल एजुकेशन हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाए।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में भी मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा को और अधिक मज़बूत बनाना है।
🔹 राज्य में चिकित्सा शिक्षा की प्रगति
राज्य गठन (वर्ष 2000) के समय उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में काफी पीछे था। लंबे समय तक यहां कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं था और डॉक्टर बनने के इच्छुक युवाओं को पड़ोसी राज्यों का रुख करना पड़ता था।
लेकिन अब 25 वर्षों के भीतर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है और आज यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण बन चुका है।
🔹 पांच सरकारी और चार निजी मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार वर्तमान में राज्य में
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5 सरकारी मेडिकल कॉलेज और
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4 निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
सरकारी कॉलेजों की सूची:
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श्रीनगर (गढ़वाल) मेडिकल कॉलेज
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हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज
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दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून
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अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज
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हरिद्वार मेडिकल कॉलेज
इन कॉलेजों में हर साल 625 एमबीबीएस छात्र और 238 से अधिक पीजी छात्र प्रवेश लेते हैं। राज्य गठन के समय यह संख्या शून्य थी, जिससे यह उपलब्धि ऐतिहासिक मानी जा रही है।
🔹 राज्य में कुल 1325 एमबीबीएस सीटें
| कॉलेज | एमबीबीएस सीटें | पीजी सीटें |
|---|---|---|
| वी.सी.एस.जी. श्रीनगर | 150 | 51 |
| हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज | 125 | 69 |
| दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून | 150 | 70 |
| अल्मोड़ा | 100 | — |
| हरिद्वार | 100 | — |
| कुल सरकारी कॉलेजों की सीटें | 625 | 190+ |
निजी कॉलेजों की सीटें:
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हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, देहरादून – 250
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श्री गुरु राम राय इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज – 250
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ग्राफिक एरा इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज – 150
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गौतम बुद्ध मेडिकल कॉलेज – 150
👉 इस तरह सरकारी और निजी संस्थानों को मिलाकर राज्य में कुल 1325 एमबीबीएस सीटें हैं, जो कुछ वर्षों में 130% की वृद्धि दर्शाती हैं।
🔹 नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा का भी विस्तार
प्रदेश में अब
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12 सरकारी और 80 से अधिक निजी नर्सिंग संस्थान हैं।
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4,700 बी.एससी. नर्सिंग सीटें, 463 एम.एससी. नर्सिंग सीटें, और 4,000 से अधिक सहयोगी स्वास्थ्य पाठ्यक्रम सीटें उपलब्ध हैं।
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पैरामेडिकल क्षेत्र में 12,000 से अधिक सीटें हैं, जिनसे हजारों युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिल रही है।
🔹 सरकार का विज़न
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा —
“हमारा लक्ष्य हर जिले में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि युवाओं को डॉक्टर बनने के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड आत्मनिर्भर बने और पूरे उत्तर भारत को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने वाला अग्रणी राज्य बने।”
📍 निष्कर्ष:
रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत के साथ उत्तराखंड का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और भी सशक्त होगा। यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाएगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा।

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