देहरादून ,
उत्तराखंड सरकार ने सतर्कता समिति (Vigilance Committee) की रिपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लिया गया है।
🔹 जिन अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने सतर्कता समिति की समीक्षा के बाद निम्न अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने की योजना बनाई है:
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जय देव सिंह — पूर्व सदस्य, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC)
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देवेश खुगसाल — पुलिस विभाग के दरोगा, जो पूर्व में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे
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नवाब सिंह — श्रम विभाग के प्रशासनिक अधिकारी
विजिलेंस विभाग ने इन तीनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के पर्याप्त साक्ष्य एकत्र किए हैं।
🔹 जिनके खिलाफ जांच हुई समाप्त
वहीं, कर विभाग की अधिकारी स्मिता भास्कर के विरुद्ध विजिलेंस जांच में पर्याप्त तथ्य और सबूत न मिलने के कारण सरकार ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच समाप्त करने का निर्णय लिया है।
🔹 सरकार का रुख: “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस”
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे सख्त अभियान का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि,
“राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इस पर किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
📰 सारांश:
धामी सरकार का यह कदम प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विजिलेंस जांचों के आधार पर की जा रही यह कार्रवाई उत्तराखंड में साफ-सुथरे शासन की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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