देहरादून ,
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर अब भाजपा विधायकों ने भी छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया है। शुक्रवार को पार्टी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर परीक्षा निरस्त करने की मांग की।
🔹 छात्रहित में सीएम से सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा — खजान दास
भाजपा विधायक खजान दास ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने छात्रों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा,
“जब पेपर लीक का मामला सामने आया, तब मुख्यमंत्री ने तत्काल सीबीआई जांच की घोषणा की और छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया। अब भी अगर छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए कोई कदम जरूरी होगा, तो सरकार पीछे नहीं हटेगी।”
🔹 विधायकों का प्रतिनिधिमंडल मिला मुख्यमंत्री से
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले विधायकों में खजान दास, दिलीप सिंह रावत, विनोद कंडारी, बृज भूषण गैरोला, दुर्गेश्वर लाल, सुरेश चौहान, मोहन सिंह बिष्ट और रेणु बिष्ट शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुलाकात के दौरान ज्ञापन सौंपा, जिसमें हाल ही में आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा को छात्रहित में निरस्त करने का आग्रह किया गया।
🔹 “छात्रों के मन से शंका दूर होनी चाहिए”
विधायकों ने कहा कि छात्रों के मन में परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर कोई संदेह नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा की प्रक्रिया पर विश्वास नहीं है, तो सरकार को इसे निरस्त कर पुनः परीक्षा आयोजित करनी चाहिए।
🔹 पूर्व में भी हुई थी जांच की संस्तुति
इससे पहले इस प्रकरण में एसआईटी जांच की सिफारिश की जा चुकी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गड़बड़ी कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री धामी द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति पहले ही की जा चुकी है, जिससे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
🔹 विधायकों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
विधायकों ने अब तक 25 हजार से अधिक नियुक्तियां पूर्ण करने और भर्ती घोटालों पर सीबीआई जांच प्रारंभ कराने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है।