देहरादून,
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2025 को अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूर्ण किए। इस अवधि में उन्होंने प्रदेश के विकास और समाज के उत्थान के लिए पांच प्रमुख मिशनों पर कार्य केंद्रित किया—
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रिवर्स पलायन
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महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं तकनीकी
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जैविक एवं प्राकृतिक कृषि
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वेलनेस
मुख्य पहलें:
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“गार्गी नारी शक्ति” चैटबॉट के माध्यम से महिलाओं को कानूनी सहायता, वित्तीय साक्षरता और करियर मार्गदर्शन।
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“इटरनल गुरु” चैटबॉट द्वारा गुरबाणी और आध्यात्मिक शिक्षाओं का प्रसार।
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राजभवन में सैनिकों व पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान हेतु शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति।
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जनसुनवाई कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों नागरिकों की समस्याओं का समाधान, 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी की राशि एक महिला को वापस दिलाई गई।
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सभी जिला मुख्यालयों का भ्रमण एवं 30 वाइब्रेंट विलेज में विकास कार्यों का अवलोकन।
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टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय सहयोग।
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राजभवन परिसर में डिजिटल नवाचार और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा।
राज्यपाल की दृष्टि:
ले. जनरल गुरमीत सिंह का कार्यकाल सेवा, आध्यात्म और तकनीकी नवाचार का समन्वय रहा है। उनका मानना है कि उत्तराखंड की सामाजिक-आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक समृद्धि में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और पारदर्शी नेतृत्व महत्वपूर्ण है।
उनके नेतृत्व में उत्तराखंड ने सेवा, समर्पण और नवाचार की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।