देहरादून ,
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज़ एंड सोशल साइंसेज़ में दो दिवसीय “रिसर्च कांक्लेव 2025” का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन की थीम रही – “विकसित भारत : सतत विकास हेतु अनुसंधान और नवाचार”।
कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. (डॉ.) कुमुद सकलानी, दून विश्वविद्यालय की कुलपति एवं मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) सुरेखा डंगवाल, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर के निदेशक प्रो. (डॉ.) डी.पी. मैठाणी, डीन प्रो. (डॉ.) प्रीति तिवारी तथा संयोजक डॉ. सुनील किश्तवाल ने दीप प्रज्वलन कर किया।
इस मौके पर श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
मुख्य संबोधन
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कुलपति प्रो. कुमुद सकलानी ने कहा कि सतत सूचना और ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ने के साथ उद्यमिता की संभावनाओं को तलाशना आवश्यक है। उन्होंने जल संरक्षण को जीवन शैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
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मुख्य अतिथि प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को आत्मनिर्भर भारत बनाने में अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने 2047 तक भारत को अग्रणी शक्ति बनाने हेतु ज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दिया।
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प्रो. डी.पी. मैठाणी ने मेक इन इंडिया, स्टार्टअप, उद्यमिता और व्यवहारिक शोध को युवाओं की सफलता के लिए जरूरी बताया।
चर्चा के प्रमुख विषय
कॉन्क्लेव में ग्रीन एनर्जी और सतत अवसंरचना, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता, जल संरक्षण और प्रबंधन, जलवायु और पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक धरोहर एवं सतत पर्यटन, तथा सतत कृषि व खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर शोध पत्र और विमर्श प्रस्तुत किए गए।
छात्र-शोधार्थियों की भागीदारी
छात्रों और शोधार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुतीकरण, पोस्टर और प्रदर्शनी के जरिए अपने विचार रखे। विजेताओं को समापन अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा।
आयोजन समिति
कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) प्रीति तिवारी सलाहकार, डॉ. सुनील किश्तवाल संयोजक, डॉ. देवश्री धर सह-संयोजक, जबकि डॉ. लता सती और डॉ. मोनिका शर्मा संयुक्त संयोजक रहीं। वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी डॉ. विनोद कुमार पंत और मनोज प्रकाश जगुरी ने संभाली।
कॉन्क्लेव में विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकों और सैकड़ों छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।