आज़ादी के बाद पहली बार गांव पहुंचे डीएम, भावुक हुए ग्रामीण

देहरादून ,

ज़िलाधिकारी सविन बंसल शुक्रवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र फुलेत और छमरोली का दौरा करने पहुंचे। खास बात यह रही कि डीएम बंसल हेली सेवा का विकल्प छोड़कर सड़क मार्ग से छमरोली तक पहुंचे और वहां से लगभग 12 किलोमीटर का दुर्गम पैदल सफर तय कर फुलेत पहुंचे। उनके साथ पूरे प्रशासनिक अमले के अधिकारी भी मौजूद रहे।

यह आज़ादी के बाद पहली बार था जब कोई जिलाधिकारी इस सुदूरवर्ती गांव में पहुंचा। डीएम को अपने बीच पाकर ग्रामीण भावुक हो उठे और उन्होंने प्रशासन का आभार जताया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है।

4 हजार से अधिक की आबादी का दर्द सुना

डीएम बंसल ने अपने दौरे के दौरान फुलेत, छमरोली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी और सिरोना गांवों की पगडंडियों और खेतों से होकर गुजरते हुए आपदा से प्रभावित करीब 4 हजार ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा और किसी को भी राहत से वंचित नहीं रखा जाएगा।

प्रभावितों के बीच बैठकर किया भोजन

ग्रामीणों के आग्रह पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में पूरा प्रशासन प्रभावितों के साथ खड़ा है और उनकी हर समस्या का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।

मौके पर दिए कई अहम निर्देश

  • भूमि कटाव, फसल क्षति, भवन क्षति और पशु हानि का आकलन कर मुआवजा वितरण सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने तहसीलदार, ब्लॉक प्रभारी कृषि, एडीओ उद्यान, जेई लोनिवि और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही तैनात रहने के निर्देश दिए।

  • लोनिवि के अधिकारियों को भवनों को हुई क्षति की टेक्निकल रिपोर्ट आज ही प्रस्तुत करने को कहा।

  • फुलेत में मलबे से ब्लॉक खाले और पैदल रास्ते खोलने के लिए पीएमजीएसवाई को मौके पर ही धन की स्वीकृति दी गई और आज से ही कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

  • उन्होंने बताया कि अब तक प्रभावित क्षेत्र में हेली सेवा से राशन व आवश्यक सामग्री भेजी जा रही थी, लेकिन अब स्थलीय मार्गों को दुरुस्त कर राहत पहुंचाई जाएगी।

जमीनी स्तर पर डटे डीएम

जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर छमरोली तक सड़क मार्ग से और वहां से 12 किमी पैदल चलकर फुलेत पहुंचे डीएम सविन बंसल वर्तमान में ग्राउंड ज़ीरो पर ही प्रशासनिक अमले के साथ डटे हुए हैं, ताकि राहत व पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

क्षेत्रवासियों ने कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार किसी डीएम को अपने गांव में देखना भावुक कर देने वाला क्षण है। उन्होंने आपदा की इस घड़ी में प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए आभार जताया।

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