हरिद्वार में गोकशी का बड़ा भंडाफोड़: 950 किग्रा गोमांस व एक गाय बरामद, तीन गिरफ्तार, पांच फरार

देहरादून/हरिद्वार, 
हरिद्वार पुलिस ने धार्मिक नगरी के निकट स्थित ग्राम सफरपुर में 5 सितंबर को एक बड़े गोकशी एवं अवैध पशु तस्करी के मामले का खुलासा कर एक व्यक्ति व दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से कुल 950 किलो गोमांस, गोकशी में प्रयुक्त कटान उपकरण और एक जीवित गाय बरामद किया है। कार्रवाई के समय घटनास्थल से पाँच प्रमुख आरोपी भागने में सफल रहे; उनकी तलाश जारी है।

घटना का क्रम और तत्काल कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद हरिद्वार के निर्देशों पर कोतवाली गंग नहर के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) ने टीमें गठित कर सूचनात्मक स्रोत (मुखबिर) की रिपोर्ट पर 05.09.2025 को ग्राम सफरपुर के एक पलेट/प्लॉट पर छापा मारा। पुलिस टीम द्वारा प्लॉट में दबिश देने पर वहां गोकशी की जा रही थी। मौके पर मौजूद आरोपियों में से एक पुरुष और दो महिलाएँ पकड़े गए। बरामदगी की मात्रा और उपकरण देखते हुए घटना के गंभीर स्वरूप का अनुमान लगाया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए तीनों आरोपी और बरामद माल को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई की गई है। घटनास्थल से गाय को भी सुरक्षित कर पशु सेवा व संबंधित विभाग को सूचित किया गया। पुलिस ने कहा है कि पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा फरार आरोपियों की पहचान व उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

पुलिस ने गिरफ्त में आए लोगों की पहचान इस प्रकार दी है:

  1. इस्तकार पुत्र मोहम्मद उमर, निवासी ग्राम सफरपुर, थाना कोतवाली गंग नहर, उम्र 56 वर्ष।

  2. (महिला अभियुक्ता) निवासी ग्राम सफरपुर, उम्र 42 वर्ष।

  3. (महिला अभियुक्ता) निवासी ग्राम सफरपुर, उम्र 45 वर्ष।

(दो महिला अभियुक्ताओं के नाम सार्वजनिक संदर्भ में पुलिस द्वारा अभी साझा नहीं किए गए हैं।)

बरामद सामग्री और प्राथमिक जांच

पकड़े गए स्थान से कुल 950 किलोग्राम गोमांस बरामद हुआ है, जो स्थानीय स्तर पर बड़ी मात्रा मानी जाती है। इसके साथ ही कटान व गोकशी में प्रयुक्त विभिन्न उपकरण भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। एक जीवित गाय को भी घटनास्थल से सुरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि बरामद गोमांस और उपकरणों को रिकार्ड के साथ जब्त कर आवश्यक परीक्षण/जांच के लिए रख दिया गया है। आगे की जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि गोमांस की सप्लाई का नेटवर्क क्या था और क्या यह अन्य जिलों/राज्यों तक जाती थी।

फरार आरोपियों की तलाश और आगे की कार्यवाही

घटना के समय मौके पर कुल 7–8 लोग मौजूद बताए गए हैं; जिनमें से पाँच फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए इलाके में छानबीन और स्थानीय अभिलेखों की पड़ताल तेज कर दी है। वरिष्ठ अधिकारीयों ने अगले कदमों के रूप में आरोपियों के मोबाइल लोकेशन, दुकानदारों व पक्षियों के बयानों, तथा बरामद सामान के स्रोत की पड़ताल का उल्लेख किया है। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि मामला तार-तार कर पशु तस्करी के बड़े रैकेट तक पहुँचने की संभावना को खंगाला जाएगा।

हरिद्वार में संवेदनशीलता और सामाजिक पृष्ठभूमि

हरिद्वार एक प्रमुख तीर्थस्थल और धार्मिक केंद्र है; ऐसे क्षेत्र में गोकशी जैसी घटनाएँ सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से अत्यन्त संवेदनशील मानी जाती हैं। स्थानीय समुदाय में गोरक्षा को लेकर भावनात्मक जुड़ाव होता है, इसलिए इस तरह की घटनाओं का व्यापक सामाजिक प्रभाव होता है। पुलिस ने भी कहा है कि धार्मिक एवं सामाजिक स्थलों के नजदीक ऐसी अवैध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी और शीघ्र कार्रवाई की जाएगी ताकि सामाजिक शांति बनी रहे।

स्थानीय प्रशासन व समुदाय की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय स्तर पर चिंता व्याप्त रही। कुछ स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की है और कहा कि इस प्रकार की कार्रवाईयों से अवैध नेटवर्क कमजोर होगा। वहीं, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की है। पुलिस ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि कोई भी व्यक्ति ऐसी अवैध गतिविधि के बारे में जानकारी होने पर तुरंत कोतवाली गंग नहर या नजदीकी थाना को सूचित करे।

पुलिस की अपील और आगे की रणनीति

हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे कहीं भी गोकशी/गो-तस्करी की किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर तुरंत सूचित करें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशों के अनुरूप अब जिले में गोकशी व पशु तस्करी के खिलाफ निगरानी व छापेमारी तेज कर दी गई है। पुलिस ने कहा कि:

  • उपस्थित सबूतों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध उचित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है;

  • बरामद गोमांस व उपकरणों की विस्तृत फोरेंसिक/विवेचना की जाएगी;

  • फरार आरोपियों की धर-पकड़ के लिए सतत़ कार्रवाई चल रही है; और

  • धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व निगरानी बढ़ाई जाएगी।

निष्कर्ष — जांच जारी, सांकेतिक पहलू महत्वपूर्ण

घटना, जहाँ एक ओर कानून व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य से गंभीर है, वहीं दूसरे पहलू पर यह दिखाती है कि गोकशी एवं पशु तस्करी के मामलों में स्थानीय सहयोग, सूचना तंत्र और प्रभावी पुलिस निगरानी कितनी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। हरिद्वार पुलिस की तात्कालिक कार्रवाई से बड़े पैमाने पर सामग्री जब्त हुई और आरोपियों को पकड़कर न्यायिक प्रक्रिया की राह आसान हुई, परंतु अभी कई प्रश्न अनुत्तरित हैं — क्या यह मात्र स्थानीय स्तर की घटना थी या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा; बरामद गोमांस का स्रोत क्या रहा; और फरार आरोपियों की भूमिकाएँ क्या हैं। इन सभी पहलुओं की स्पष्टता के लिए विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

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