देहरादून ,
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रावधानों के तहत तैयार राज्य पाठ्यचर्या को राज्य स्तरीय टास्क फोर्स ने हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही प्रदेशभर के विद्यालयों में 240 दिन अनिवार्य रूप से कक्षाओं का संचालन होगा।
मुख्य बिंदु:
-
240 दिन पढ़ाई अनिवार्य।
-
20 कार्यदिवस परीक्षा व मूल्यांकन के लिए निर्धारित।
-
10 दिन सहशैक्षणिक गतिविधियों के लिए और 10 दिन बस्ता रहित दिवसों के लिए अलग से तय।
-
हर सप्ताह 32 घंटे का शैक्षणिक दिवस सुनिश्चित।
नई पाठ्यचर्या की संरचना (5 भागों में विभाजित):
-
उद्देश्य व लक्ष्य – मूल्य, स्वभाव, दक्षता, कौशल और ज्ञान पर बल।
-
क्रॉस-विषय और मूल्य आधारित शिक्षा – पर्यावरणीय संवेदनशीलता, समावेशी शिक्षा, मार्गदर्शन, परामर्श और तकनीकी प्रयोग।
-
शैक्षणिक दिशा-निर्देश – विषय चयन, शिक्षण मानक, शिक्षा शास्त्र और मूल्यांकन प्रक्रिया।
-
विद्यालयी संस्कृति – गतिविधियाँ, शैक्षणिक वातावरण, सामाजिक मूल्य व व्यवहार।
-
समग्र पारिस्थितिकी तंत्र – शिक्षा क्षमताएँ, सेवा-शर्तें, आधारभूत ढांचा और परिवार/समुदाय की भूमिका।
बैठक की अध्यक्षता विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की। इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।