हरिद्वार/लक्सर।
राज्य में जारी भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न संकट की स्थिति का जायज़ा लेने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को सबसे पहले हरिद्वार जिले के लक्सर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचे। कठिन हालातों के बावजूद मुख्यमंत्री ट्रैक्टर के माध्यम से जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँचे और स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन अधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा, भोजन, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी व्यवस्था की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है। प्रभावित प्रत्येक परिवार को यथासंभव सहायता और प्राथमिकता के आधार पर बचाव कार्य उपलब्ध कराए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने गाँवों में जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटे हुए पुल और जल से घिरे घरों का जायज़ा लिया। साथ ही प्रभावित परिवारों से उनकी ज़रूरतें जानीं और आश्वस्त किया कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
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राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पानी, दवाइयाँ और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
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जिन परिवारों को स्थानांतरित करना आवश्यक है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए।
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किसानों को हुई फसल क्षति का त्वरित आंकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
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आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सीएम धामी के इस दौरे से स्थानीय जनता में सकारात्मक संदेश गया है। लोगों ने संकट की घड़ी में सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की।
इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रोहिला, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, दायित्वधारी मंत्री श्यामवीर सैनी, जयपाल चौहान, ओमप्रकाश जमदग्नि, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, एसपी देहात शेखर सुयाल, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एचआरडीए सचिव मनीष कुमार, एसडीएम लक्सर सौरभ असवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित कई प्रशासनिक अधिकारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।