देहरादून ,
राज्य में पीसीपीएनडीटी एक्ट (गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक) के सख्त पालन के लिए सरकार ने नए निर्देश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि:
प्रमुख निर्णय
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जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें होंगी, जिनमें बोर्ड सदस्य भी शामिल रहेंगे।
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बिना चिकित्सकीय परामर्श गर्भ संबंधी दवाएं नहीं मिलेंगी।
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मिसोप्रोस्टोल जैसी दवाओं की अनाधिकृत बिक्री पर मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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नवजात शिशु के जन्म के 21 दिन के भीतर पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश।
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ग्राम प्रधान, आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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जन्म पंजीकरण और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को लेकर प्रदेशभर में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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भ्रूण लिंग परीक्षण व भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी।
डॉ. रावत ने कहा कि भ्रूण हत्या रोकना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए विभागीय अधिकारियों की जनपदवार जिम्मेदारी तय की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में नया आयाम
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने धर्मावाला स्थित स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय में अत्याधुनिक कैथ लैब का लोकार्पण किया।
👉 अब स्थानीय स्तर पर मरीजों को एंजियोप्लास्टी और एंजियोग्राफी जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
👉 गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध होंगी।