देहरादून,
मेजर ध्यानचंद जयंती एवं राष्ट्रीय खेल दिवस-2025 के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है। परेड ग्राउंड स्थित बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हाल में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक वैश्विक खेल शक्ति बन रहा है और उत्तराखंड इसमें अपनी अहम भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम धामी ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित हो चुका है। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में राज्य ने 103 पदक जीतकर 7वां स्थान हासिल किया।
मुख्यमंत्री की घोषणाएँ और योजनाएँ
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परेड ग्राउंड में एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक और पवेलियन फुटबॉल ग्राउंड में सिंथेटिक टर्फ बनाया जाएगा।
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प्रदेश के आठ शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित होंगी।
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हल्द्वानी में पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज बनेगा।
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पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी की सुविधा दी जाएगी।
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“मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना” के तहत 3,900 खिलाड़ियों को ₹1,500-₹1,500 की डीबीटी दी गई।
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कुल 250 से अधिक खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को लगभग ₹16 करोड़ की सम्मान राशि प्रदान की गई।
खिलाड़ियों को मिला सम्मान
पेरिस ओलंपिक-2024 में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी मनदीप कौर, अमीषा रावत और मनोज सरकार को ₹50-50 लाख की राशि से सम्मानित किया गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले शौर्य सैनी और अभिनव देशवाल को ₹30-30 लाख रुपये दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के प्रयास शुरू कर दिए हैं और उत्तराखंड इसके लिए तैयारियों में जुट चुका है।
समारोह में खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह सहित कई जनप्रतिनिधि और खेल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।