गंगोत्री धाम / उत्तरकाशी ,
धराली गांव में आई आपदा के दौरान स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय, गंगोत्री धाम ने राहत और सहायता कार्यों में अहम भूमिका निभाई। संस्था ने अपने आदर्श वाक्य “नर सेवा ही नारायण सेवा” को आत्मसात करते हुए सैकड़ों प्रभावितों को मदद पहुँचाई।
प्रमुख पहलें:
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10 राहत कैंप: 250 से अधिक प्रभावित ग्रामीणों और यात्रियों को चिकित्सा व सहायता उपलब्ध कराई।
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केरल के यात्रियों की मदद: भैरव घाटी में फँसे 29 यात्रियों को सुरक्षित गंगोत्री लाया गया, उनके रहने-जलपान की व्यवस्था की गई और बाद में हेलीकॉप्टर से सुरक्षित भेजा गया।
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सुरक्षाबलों के लिए सहयोग: 6 अगस्त से 12 अगस्त तक राहत कार्य में जुटे सेना, आईटीबीपी और पुलिस कर्मियों के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गई।
मानवता का संदेश
इस सेवा कार्य ने सिद्ध किया कि आपदा के समय मानवता और करुणा ही सबसे बड़ा धर्म है।
संस्था ने विवेकानंद जी की शिक्षाओं को साकार करते हुए दिखाया कि “नर सेवा ही नारायण सेवा” केवल आदर्श नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा है।