देहरादून ,
उत्तराखंड की राजनीति में आज सड़कों पर विपक्ष का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और आपदा राहत कार्यों में नाकामी को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राजभवन कूच किया।
पुलिस से धक्का-मुक्की, नारों से गूंजा शहर
भारी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता जब प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, डॉ. हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में हाथों में तख्तियां लेकर राजभवन की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें हाथी बड़कला पर रोक दिया।
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इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक व धक्का-मुक्की हुई।
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प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोरों गद्दी छोड़ो” जैसे नारे लगाकर माहौल गरमा दिया।
सरकार पर गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि धामी सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
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अपराधों में भाजपा नेताओं की संलिप्तता के आरोप लगाए गए।
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डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं बचा है।
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आपदा प्रबंधन को लेकर भी सरकार पर सवाल उठे। नेताओं का कहना था कि मानसून आपदा से जूझ रहे लोग 20 दिन बाद भी राहत और सड़क सुधार कार्यों से वंचित हैं।
पंचायत चुनाव में धांधली का मुद्दा भी गरमाया
कांग्रेस ने पंचायत चुनावों में धांधली और अनियमितताओं को लेकर भी सरकार पर जोरदार हमला बोला। प्रदर्शनकारियों ने इसे “जनमत की चोरी” बताते हुए सरकार से इस्तीफे की मांग की।
भारी भीड़, बड़े नेता रहे मौजूद
प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, नेता विपक्ष यशपाल आर्य, डॉ. हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, अभिनव थापर, लालचंद शर्मा और पूर्व विधायक राजकुमार समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।
👉 विपक्ष के इस हल्लाबोल ने धामी सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों और जनाक्रोश का क्या जवाब देती है।