देहरादून,
राजधानी देहरादून स्थित ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में रविवार को राजकीय जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) संचालन मंडल की त्रैमासिक बैठक जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में अस्पताल से जुड़े सभी प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई और कई नई स्वास्थ्य सेवाओं को हरी झंडी मिली।
डीएम बंसल के प्रमुख निर्देश व स्वीकृतियाँ
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सरकारी अस्पतालों को निजी अस्पतालों से कमतर नहीं रहने देने का संकल्प।
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एसएनसीयू (Special Newborn Care Unit) के लिए 6 अतिरिक्त बैड, एक्स-रे मशीन, फोटोथेरेपी उपकरण, डिफिब्रिलेटर और जनरेटर की स्वीकृति।
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अस्पताल की सुरक्षा के लिए भूतपूर्व सैनिक गार्ड तैनात करने की अनुमति।
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महिला हिलांस कैंटीन, ब्लड बैंक, ऑटोमेटेड पार्किंग की स्वीकृति।
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पुरानी टीनशेड पार्किंग हटाकर नई ऑटोमेटेड पार्किंग की संभावना पर रिपोर्ट तलब।
सुविधाओं की वर्तमान स्थिति
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अस्पताल में लेड अप्रोन स्टैंड, अल्ट्रासाउंड जैली, सीटी स्कैन मशीन, व्हीलचेयर, चिकित्सक यूनिफॉर्म, एग्जामिनेशन टेबल, ड्रेसिंग ड्रम, सर्जिकल उपकरण, एसी, बेबी रेडिएंट वार्मर और एंडोस्कोपी सिस्टम सहित कई सामग्री खरीदी जा चुकी है।
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एसएनसीयू में अब तक 286 बच्चे भर्ती हुए, 287 डिस्चार्ज किए गए और 21 रेफर किए गए। रेफर का कारण सुविधाओं की कमी बताया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल नए प्रस्ताव मंजूर किए।
राज्य का पहला आधुनिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC)
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गांधी शताब्दी चिकित्सालय में बनाया जा रहा है।
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एक ही छत के नीचे प्रमाणपत्र, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, विशेष शिक्षा और कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।
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केंद्र से दिव्यांगजन यूडीआईडी कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति जैसी सरकारी योजनाओं से भी जुड़ेंगे।
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मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम (फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट, काउंसलर) समग्र पुनर्वास सुनिश्चित करेगी।
बैठक में मौजूद
सीडीओ अभिनव शाह, एसडीएम हरिगिरि, सीएमएस डॉ. मन्नु जैन, डॉ. जेपी नौटियाल, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, डॉ. शालिनी डिमरी, डॉ. नीतू तोमर सहित कई अधिकारी व चिकित्सक उपस्थित रहे।