भर्तियों में होगी पारदर्शिता, योग्यता बनेगी चयन का आधार
देहरादून ,
उत्तराखंड सरकार ने सहकारिता विभाग में भर्तियों को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए “उत्तराखंड सहकारी संस्थागत सेवामंडल नियमावली” को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था से युवाओं को समान अवसर मिलेंगे और भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात व भ्रष्टाचार की संभावना खत्म होगी।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2001 की पुरानी नियमावली को हटाकर अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाती नई नीति लागू होगी। इसके तहत राज्य व जिला सहकारी बैंकों और सभी सहकारी समितियों में भर्तियां IBPS जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान के माध्यम से होंगी।
नई नियमावली के मुख्य बिंदु:
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भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।
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कार्मिक कैडर प्रबंधन, सेवा नीति, प्रशिक्षण और अनुशासनात्मक नियंत्रण में सुधार।
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केवल योग्यता के आधार पर नियुक्तियां, बिना भेदभाव व पक्षपात।
डॉ. रावत ने कहा, “यह ऐतिहासिक निर्णय युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाएगा। योग्यता और पारदर्शिता हमारी भर्ती प्रक्रिया की नींव है।”
सरकार को उम्मीद है कि यह पहल उत्तराखंड को भ्रष्टाचारमुक्त और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में आगे ले जाएगी तथा सहकारिता क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक आदर्श स्थापित करेगी।