देहरादून ,
शिक्षा बाधित होने की कगार पर खड़े एक होनहार छात्र रिहान की उम्मीदें तब फिर से जाग उठीं, जब जिलाधिकारी सविन बंसल ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए उसकी पूरी फीस माफ़ कराने की पहल की। डीएम के हस्तक्षेप पर एसजीआरआर एजुकेशन मिशन ने अगले ही दिन रिहान की शत-प्रतिशत फीस माफी का पत्र जारी कर दिया।
पिता की मृत्यु से टूटा परिवार, मां ने लगाई थी गुहार
25 जुलाई को शहीद भगत सिंह कॉलोनी निवासी गजाला अपने बेटे रिहान की शिक्षा को बचाने की गुहार लेकर डीएम कार्यालय पहुंचीं। हाल ही में उनके पति का निधन हो गया था और अब परिवार की सारी जिम्मेदारी रिहान पर आ गई थी, जो दिन में स्कूल और शाम को एक कैमिस्ट की दुकान पर काम कर किसी तरह गुजारा कर रहा था।
गजाला ने रोते हुए डीएम से कहा कि आर्थिक तंगी के चलते वह रिहान की फीस नहीं भर पा रही हैं, जिससे उसकी पढ़ाई रुक सकती है। इस पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने न सिर्फ संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि तुरंत एसजीआरआर एजुकेशन मिशन से संपर्क कर रिहान की फीस माफी की सिफारिश की।
स्कूल प्रबंधन ने दिखाई तत्परता
डीएम के अनुरोध पर अगले ही दिन स्कूल प्रबंधन द्वारा रिहान की पूर्ण फीस माफी का आदेश जारी कर दिया गया। अब रिहान निश्चिंत होकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगा।
प्रशासन की सक्रियता बनी उम्मीद की किरण
डीएम कार्यालय के अनुसार, इस तरह के कई मामले उनके संज्ञान में आ रहे हैं — जिनमें छात्रों की फीस माफी, विधवाओं, दिव्यांगों व बुजुर्गों की सहायता और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। जिला प्रशासन इन मामलों में त्वरित कार्यवाही कर रहा है, जिससे आमजन में सरकार और प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
“हमारा प्रयास है कि किसी बच्चे की पढ़ाई सिर्फ आर्थिक कारणों से न रुके। हर जरूरतमंद को समय पर मदद मिले — यही हमारी जिम्मेदारी है।”
— सविन बंसल, जिलाधिकारी देहरादून