इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून में हुआ 2023-25 बैच का दीक्षांत समारोह
देहरादून, 30 जुलाई
देश की सेवा के लिए तैयार भारतीय वन सेवा (IFS) के 109 नए अधिकारी आज इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA), देहरादून से दीक्षित हुए। इस दीक्षांत समारोह में दो भूटानी प्रशिक्षु अधिकारियों सहित कुल 111 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया, जिनमें 22 महिला अधिकारी भी शामिल हैं। यह 21वीं सदी में अब तक का सबसे बड़ा बैच है।
समारोह के मुख्य अतिथि
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन ने प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और पदक प्रदान किए। उन्होंने अपने दीक्षांत भाषण में अधिकारियों को उनके प्रशिक्षण पूर्ण होने की बधाई दी और जीवन भर सत्य, नियम और नैतिकता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
“सेवाकाल के अंत में आपको सेंस ऑफ फुलफिलमेंट का अनुभव होना चाहिए, केवल अचीवमेंट का नहीं। अपने कार्यों से समाज के सबसे वंचित वर्गों की मदद करें,” — न्यायमूर्ति रामासुब्रमण्यन
प्रमुख बिंदु:
-
109 भारतीय परिवीक्षार्थी, 2 भूटान से
-
22 महिला अधिकारी, 50 से अधिक ने ऑनर्स डिप्लोमा प्राप्त किया
-
बैच टॉपर: केरल संवर्ग के मिधुनमोहन एस.बी.
-
प्रशिक्षण में वानिकी, प्रशासन, कानून, नीति और NGO अटैचमेंट जैसे विषय शामिल
-
2023 में बदले गए पाठ्यक्रम पैटर्न के बाद यह पहला बैच रहा
IGNFA के निदेशक डॉ. जगमोहन शर्मा ने रिपोर्ट में बताया कि अब तक 14 मित्र राष्ट्रों के 367 अधिकारी अकादमी से प्रशिक्षण ले चुके हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं को समर्पण, करुणा और निष्पक्षता से कार्य करने का संदेश दिया।
समारोह में मौजूद रहे:
-
पीसीसीएफ (Hoff) उत्तराखंड
-
महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE)
-
निदेशक, भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII)
-
निदेशक, वाडिया भूविज्ञान संस्थान
-
प्रशिक्षुओं के परिजन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी
निष्कर्ष:
इस दीक्षांत समारोह ने देश को न केवल प्रशिक्षित वन अधिकारियों की एक नई पीढ़ी दी है, बल्कि वन प्रबंधन और संरक्षण की दिशा में मजबूत नेतृत्व की उम्मीद भी जगाई है। इन नवदीक्षित अधिकारियों से उम्मीद है कि वे देश के वन संसाधनों की रक्षा और वनाश्रित समुदायों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में अहम भूमिका निभाएंगे।