राजधानी देहरादून के पटेल नगर में एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट से भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोग झुलसे

देहरादून,
राजधानी देहरादून के पटेल नगर थाना क्षेत्र में रविवार तड़के एक भीषण विस्फोट के साथ उठी आग की लपटों ने एक ही परिवार के पांच लोगों को झुलसा दिया। हादसा महंत इंद्रेश अस्पताल के पीछे पूर्वी पटेल नगर की एक टपरी में स्थित घर में हुआ।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच में इस ब्लास्ट का कारण एलपीजी सिलेंडर से गैस का रिसाव सामने आया है, जो देर रात से कमरे में भरती रही और सुबह एक इलेक्ट्रिक स्विच में स्पार्किंग होने पर विस्फोट में तब्दील हो गई।


🔥 घटना का विवरण

  • घटना सुबह करीब 6:45 बजे हुई।

  • छोटे से कमरे में रहने वाला परिवार रात्रि में दरवाजे-खिड़कियां बंद करके सो रहा था।

  • उसी कमरे में सिलेंडर और चूल्हा भी रखा हुआ था।

  • सिलेंडर से धीरे-धीरे गैस रिसाव होता रहा।

  • सुबह जब बिजली के स्विच में स्पार्किंग हुई, तब कमरे में फैली गैस ने आग पकड़ ली और जोरदार धमाका हुआ।

धमाके से कमरे की दीवार और दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया और आग की चपेट में आकर परिवार के सभी सदस्य झुलस गए।


🏥 घायल व्यक्तियों की जानकारी

पुलिस के अनुसार, झुलसने वाले सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं:

  • विजय साहू (38) – पुत्र अशरफी लाल, मूल निवासी: ग्राम असहीपुर, थाना व जिला बलरामपुर (उ.प्र.), हाल निवासी: टपरी, पटेलनगर

  • सुनीता (35) – विजय साहू की पत्नी

  • अमर (11) – पुत्र

  • सन्नी (8) – पुत्र

  • अनामिका (8) – पुत्री

घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस की सहायता से दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इनका उपचार जारी है।


🧪 फॉरेंसिक और बम डिस्पोजल टीम ने की जांच

घटना के बाद सावधानी के तहत बम डिस्पोजल स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने ब्लास्ट की हर एंगल से जांच की।

फॉरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि विस्फोट का कारण एलपीजी गैस फ्लेम बर्न था।
किसी तरह की साजिश या विस्फोटक पदार्थ की मौजूदगी नहीं पाई गई।


🚔 प्रशासन की अपील

पटेल नगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:

  • गैस सिलेंडर के आसपास की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें

  • कमरे की सही वेंटिलेशन व्यवस्था सुनिश्चित करें

  • सोने से पहले गैस रेगुलेटर बंद करें और खिड़की-दरवाजे आंशिक खुले रखें


📣 सतर्कता से बच सकती हैं जानें

यह हादसा एक सावधानी में चूक का नतीजा है, जिसने पूरे परिवार को अस्पताल पहुंचा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते गैस रिसाव की गंध पहचानी जाती, या वेंटिलेशन का ध्यान रखा जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *