हरिद्वार हादसे पर कांग्रेस का तीखा वार: सरकार की लापरवाही से गई श्रद्धालुओं की जान, हाईकोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग

हरिद्वार,

 श्रावण मास में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुई भगदड़ की दर्दनाक घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। रविवार सुबह हुए हादसे में अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि स्थानीय सूत्रों के अनुसार मृतकों की संख्या 15 से अधिक हो सकती है। अनेक श्रद्धालु अब भी अस्पतालों में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

इस हादसे को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा ने कहा कि यह दुर्घटना प्रशासन की विफलता और सरकार की निष्क्रियता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।


🔴 हादसे की वजह: सरकार की चूक, नहीं की गई पुख्ता तैयारी

श्रावण मास के पहले शनिवार और रविवार को हर वर्ष हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इसके बावजूद, इस बार कोई विशेष सुरक्षा या भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था नहीं की गई।

कांग्रेस का आरोप है कि पंचायत चुनाव में पुलिस बल की ड्यूटी लगाने के कारण हरिद्वार में पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद नहीं था, जो इस भगदड़ को रोक सकता था।

भीड़ प्रबंधन के मानक नियमों की अनदेखी की गई — सीढ़ियों वाले मार्ग को वन-वे नहीं किया गया, जिससे दोनों ओर से आवाजाही चालू रही और भगदड़ की स्थिति बनी।


⚡ करंट से भगदड़, देरी से पहुंची पुलिस

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बिजली के खुले तार से करंट लगने की घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मंदिर प्रशासन ने भी समय रहते पुलिस-प्रशासन को स्थिति से अवगत नहीं कराया। जब भगदड़ शुरू हुई, तब स्थानीय लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता ही सबसे पहले बचाव कार्य में जुटे।

पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने में 20 मिनट की देरी हुई, जिससे कई लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।


🔹 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निभाई अग्रणी भूमिका

कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष श्री अमन गर्ग, पार्षद हिमांशु गुप्ता, सोहित शेट्टी, अमित गुप्ता (मोंटू), मुरली मनोहर, आशीष प्रधान, वंश गोस्वामी, सत्यम शर्मा सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रेस्क्यू और राहत कार्यों में अहम भूमिका निभाई।

इन कार्यकर्ताओं ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर कई श्रद्धालुओं की जान बचाई।


📢 सरकार मौत का असली आंकड़ा छुपा रही है: कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस ने दावा किया है कि सरकार असली मौत के आंकड़े को छुपा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार मृतकों की संख्या 15 से अधिक हो सकती है, लेकिन प्रशासन अब तक केवल 7 मौतों की पुष्टि कर रहा है।


✋ कांग्रेस की 5 प्रमुख मांगें

  1. हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जाए।

  2. दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

  3. मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा और घायलों का पूरा इलाज सरकार द्वारा किया जाए।

  4. धार्मिक स्थलों के लिए स्थायी और प्रभावी भीड़ प्रबंधन नीति बनाई जाए।

  5. मृतकों की वास्तविक संख्या और हादसे की सच्चाई जनता के सामने लाई जाए।


🗣️ सरकार को जवाब देना होगा: करन माहरा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा:

“भाजपा सरकार प्रचार में व्यस्त है, जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। यह घटना न केवल प्रशासनिक असफलता है बल्कि मानव जीवन के प्रति सरकार की लापरवाह सोच को भी उजागर करती है।”

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कांग्रेस पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी, और जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

“सरकार को बताना होगा कि इस त्रासदी की जिम्मेदारी कौन लेगा?”


🕯️ श्रद्धांजलि — उत्तराखंड कांग्रेस सभी दिवंगत श्रद्धालुओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती है और उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करती है।

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