ऑपरेशन कालनेमि: देहरादून पुलिस की धर्मांतरण गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन उजागर

देहरादून ,

उत्तराखंड पुलिस के ऑपरेशन कालनेमि के तहत धर्मांतरण के एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह न केवल राज्य या देश, बल्कि पाकिस्तान और दुबई तक फैला हुआ था। गिरोह द्वारा फेसबुक, व्हाट्सएप, ज़ूम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए महिलाओं को निशाना बनाया जाता था, उनका ब्रेनवॉश कर जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता था।

📌 क्या है पूरा मामला

रानीपोखरी निवासी एक व्यक्ति ने 18 जुलाई 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 21 वर्षीय पुत्री अजीब व्यवहार कर रही है। पूछताछ में पता चला कि कुछ मुस्लिम युवक और महिलाएं उसे बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराने की कोशिश कर रहे हैं।

जांच में सामने आया कि पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से अबू तालिब नामक युवक से हुई थी, जिसने उसे इस्लाम अपनाने को कहा और ऑनलाइन कलमा पढ़वाकर उसका नाम मरियम रख दिया। इसके बाद पीड़िता को झारखंड के अयान, दिल्ली के अमन और गोवा निवासी आयशा से मिलवाया गया।

🌍 अंतरराष्ट्रीय लिंक और गिरोह की मोडस ऑपरेंडी

  • टारगेट: परिवार से अलग-थलग युवतियों को सहानुभूति दिखाकर विश्वास में लिया जाता।

  • ब्रेनवॉश: कुरान की ऑनलाइन तालीम दी जाती, अक्सर पाकिस्तानी मौलवियों द्वारा।

  • धर्मांतरण: युवतियों को दिल्ली बुलाकर मुस्लिम युवकों से निकाह कराया जाता।

  • सहयोगी: इस गिरोह में पूर्व में धर्मांतरण कर चुके युवक-युवतियां भी शामिल हैं जो प्रचार और फंडिंग करते थे।

🧩 सुमैया केस: एक और पीड़िता की कहानी

  • बरेली निवासी सुमैया (परिवर्तित नाम), देहरादून में पढ़ाई कर रही थी।

  • सोशल मीडिया और लूडो स्टार गेम के ज़रिए उसकी दोस्ती पाकिस्तान और दुबई में बैठे लोगों से हुई।

  • उसे ज़ूम ऐप पर कुरान की शिक्षा दी गई और रमजान में कश्मीर बुलाया गया।

  • बाद में उसे भी दिल्ली बुलाकर धर्मांतरण और निकाह की योजना बनाई गई।

💰 मनी ट्रेल और हवाला नेटवर्क

  • पाकिस्तानी मौलवी तनवीर अहमद को पैसा भेजने के लिए सुमैया के बैंक अकाउंट का उपयोग किया गया।

  • पैसे दुबई में सुलेमान नामक व्यक्ति के जरिए पाकिस्तानी मौलवी तक पहुंचाए गए।

👥 मुख्य आरोपी

  1. अबू तालिब (मुजफ्फरनगर) – ऑनलाइन ब्रेनवॉश और संपर्क सूत्र

  2. आयशा उर्फ कृष्णा (गोवा) – फंडिंग और कट्टर साहित्य की आपूर्ति

  3. अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द्र पाल सिंह (दिल्ली) – आधार बदलवाकर दिल्ली से कनवर्जन प्रमाण पत्र दिलवाने की योजना

  4. सुलेमान (देहरादून निवासी, हाल दुबई) – हवाला नेटवर्क का हिस्सा

  5. अयान (झारखंड) – निकाह की साजिश में सक्रिय

  6. अब्दुर रहमान उर्फ रूपेन्द्र सिंह (सहसपुर) – युवतियों को बाहर निकालने की कोशिश

⚖️ कानूनी कार्रवाई

  • प्रेमनगर और रानीपोखरी थानों में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत मुकदमे दर्ज।

  • आगरा पुलिस की धर्मांतरण मामले में चल रही जांच से लिंक होने पर उत्तराखंड पुलिस ने समन्वय किया।

  • गिरोह से जुड़े अधिकांश आरोपी आगरा में गिरफ्तार, कोर्ट से वारंट बी प्राप्त कर देहरादून लाया जाएगा।

  • अयान और सुलेमान की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित।

🛡️ धामी सरकार का रुख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही समान नागरिक संहिता और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम को लागू कर राज्य को कट्टरपंथ और अवैध गतिविधियों से सुरक्षित रखने का संकल्प दोहरा चुके हैं।


विश्लेषण:
ऑपरेशन कालनेमि न केवल एक बड़े धर्मांतरण गिरोह की परतें खोल रहा है, बल्कि यह भी दर्शा रहा है कि किस तरह सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स धार्मिक कट्टरता और अवैध फंडिंग के नए माध्यम बनते जा रहे हैं।

उत्तराखंड पुलिस की इस जांच में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े तारों ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी सतर्कता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह केस राष्ट्रीय बहस और कानूनी सुधारों का कारण बन सकता है।

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