स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री धामी का अनोखा संदेश भुट्टा बेच रहे महातम की ठेली पर रुके, वृद्धा को खुद सौंपा भुना भुट्टा

वोकल फॉर लोकल अभियान को ज़मीन पर साकार रूप देने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में एक मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब मुख्यमंत्री का काफिला भारामल दर्शन के बाद पीलीभीत रोड से गुजर रहा था और वे अचानक सड़क किनारे भुट्टा भून रहे श्री महातम की ठेली पर रुक गए।

मुख्यमंत्री ने न केवल स्थानीय भुट्टा विक्रेता से संवाद किया, बल्कि स्वयं अपने हाथों से भुट्टा भूना और वहाँ मौजूद एक वृद्धा को अपने हाथों से भुट्टा सौंपा। इसके बाद उन्होंने खुद भी भुट्टा खाकर स्थानीय स्वाद की सराहना की।

विनम्रता में छिपा बड़ा संदेश

मुख्यमंत्री के इस व्यवहार ने न सिर्फ जनसंपर्क की मिसाल पेश की, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों और छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देने के लिए कितनी संजीदा है।

मुख्यमंत्री ने मौके पर कहा:

“स्थानीय श्रमिकों और छोटे व्यापारियों की मेहनत ही राज्य की असली ताकत है। हर नागरिक के श्रम का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है।”

उन्होंने युवाओं से भी स्वावलंबन और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की।

प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ाव

मुख्यमंत्री धामी का यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ संकल्प के साथ भी सीधा संवाद स्थापित करता है, जिसका उद्देश्य है — स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना।

नीतिगत प्रयास भी जारी

सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों को बाज़ार से जोड़ने, स्थानीय उद्यमियों को प्रशिक्षण देने, और स्टार्टअप को सहयोग देने जैसी कई योजनाएं पहले से चल रही हैं, जिन्हें और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।

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