देहरादून,
देहरादून के अजबपुर क्षेत्र की 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला सरस्वती देवी को महीनों से राशन न मिलने की पीड़ा झेलनी पड़ी। तीन शादीशुदा पुत्रों के होते हुए भी जब सबने उनसे मुंह मोड़ लिया, तो सरस्वती देवी अपनी अंतिम उम्मीद लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल के पास पहुँचीं। अपनी व्यथा सुनाई— और जैसे ही डीएम की कलम चली, विभाग हरकत में आ गया।
👉 “सूची में नाम नहीं”, कहकर राशन देने से कर रहा था इनकार
सरस्वती देवी ने जिलाधिकारी को बताया कि उनका गुजारा विधवा पेंशन से होता है और पहले उन्हें राशन नियमित रूप से मिलता था, लेकिन पिछले कुछ समय से राशन डीलर यह कहकर मना कर रहा था कि विभागीय सूची में उनका नाम नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि तीनों बेटे अपने परिवारों संग अलग रहते हैं और अंतिम पुत्र जिसने उन्हें सहारा दिया था, वह भी अब साथ नहीं है।
👉 डीएम ने लिया संज्ञान, अफसर भागते पहुँचे बुजुर्ग के घर
जिलाधिकारी सविन बंसल ने शिकायत सुनते ही आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को तलब किया और मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश के कुछ ही घंटों में विभाग के अधिकारी बुजुर्ग महिला के घर पहुँचे और राशन कार्ड बहाल कर उसी दिन 15 जुलाई को उनके कोटे का खाद्यान्न भी उपलब्ध कराया।
✔ डीएम की चेतावनी: शोषण पर होगी सख्त कार्रवाई
डीएम बंसल ने कहा कि “बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और असहाय वर्ग हमारे समाज की जिम्मेदारी हैं। इनके साथ किसी भी प्रकार का शोषण या तिरस्कार दंडनीय अपराध है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
💬 जनसुनवाई में तेजी से हो रहा समाधान
जिलाधिकारी कार्यालय में प्रतिदिन जनसुनवाई कार्यक्रम के अंतर्गत नागरिकों की शिकायतें सुनी जा रही हैं। जिलाधिकारी स्वयं इन शिकायतों की मॉनिटरिंग करते हैं और संबंधित विभागों से प्रतिदिन निस्तारण रिपोर्ट तलब करते हैं।