देहरादून,
राजभवन देहरादून में मंगलवार को आयोजित “टीबी मुक्त भारत अभियान” के सम्मान समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से नि) गुरमीत सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले निःक्षय मित्रों, ट्रीटमेंट सपोर्टर्स और टीबी चैंपियनों को सम्मानित किया।
राज्यपाल ने किया प्रेरणा का आह्वान
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं, बल्कि इसके लिए जनसहभागिता, जागरूकता और सामाजिक संकल्प आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ हुए टीबी रोगी असली योद्धा हैं, जो समाज के लिए मिसाल बन सकते हैं।
राज्यपाल ने बताया कि वे स्वयं भी निःक्षय मित्र हैं और अब तक 75 टीबी मरीजों को गोद ले चुके हैं, जिनमें से 62 रोगी पूर्णतः स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों, खासकर सक्षम लोगों से अपील की कि वे भी निःक्षय मित्र बनें और इस अभियान को जन-आंदोलन में बदलें।
स्वास्थ्य मंत्री ने की नई मुहिम की घोषणा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को टीबी मुक्त बनाया जाए। उन्होंने घोषणा की कि
👉 1 अगस्त 2025 से पूरे राज्य में विशेष टीबी जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा।
👉 अभियान के तहत नगर पंचायतों और नगर निगमों के सभी वार्डों में टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित होंगे।
👉 इसका उद्देश्य समुदाय स्तर पर टीबी मरीजों की पहचान, समय पर इलाज और जागरूकता बढ़ाना होगा।
सम्मानित जिलों, व्यक्तियों और संस्थाओं की सूची
🏅 उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित ज़िले:
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देहरादून
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चम्पावत
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रुद्रप्रयाग
🌟 सम्मानित निःक्षय मित्र:
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डॉ. फारुख (हिमालयन वेलनेस कंपनी)
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पूनम किमोठी (हंस कल्चरल फाउंडेशन)
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मुकेश मोहन, पंकज गुप्ता (देहरादून)
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डॉ. आरती (साईं इंस्टीट्यूट)
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कल्पना बिष्ट (रेडक्रॉस सोसायटी)
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डॉ. रितु गुप्ता (कनिष्क हॉस्पिटल)
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हेमलता बहन (आस संस्था)
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राजीव बिजल्वाण (स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी)
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इन्दर रमोला (देवभूमि स्वराज फाउंडेशन)
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डॉली डबराल (महिला जिजीविषा मंच)
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रजनीश गोयल, ममता थापा (लायंस क्लब)
🌟 सम्मानित ट्रीटमेंट सपोर्टर्स:
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सुप्रिया, जोया, कनक (कम्युनिटी वॉलंटियर्स)
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नीरज, नीरा कंडारी, मीना काला, गंगा भंडारी, सरोज, नीरू जैन, पूजा जोशी, शिखा अरोड़ा, निर्मला जोशी, सच्चि तिवारी (आशा कार्यकर्ता)
उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में शामिल रहे:
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श्री रविनाथ रामन (सचिव, राज्यपाल)
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डॉ. आर. राजेश कुमार (सचिव, स्वास्थ्य)
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श्रीमती रीना जोशी (अपर सचिव, राज्यपाल)
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डॉ. सुनीता टम्टा (महानिदेशक, स्वास्थ्य)
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डॉ. आशुतोष सयाना (निदेशक, चिकित्सा शिक्षा)
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डॉ. नरेश चौधरी (चेयरमैन, रेडक्रॉस सोसायटी)
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मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण
निष्कर्ष:
उत्तराखंड में टीबी उन्मूलन अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले रहा है, जिसमें शासन, स्वास्थ्य विभाग, समाजसेवी संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर योगदान दे रहे हैं। राज्यपाल और स्वास्थ्य मंत्री द्वारा की गई प्रेरक पहल से उम्मीद है कि प्रदेश वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनने के लक्ष्य को जरूर हासिल करेगा।