देहरादून ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में हिमालयन हेरिटेज सोसाइटी द्वारा आयोजित ‘भगवती सुरकंडा मां दिव्य जागर’ विमोचन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रख्यात जागर गायक पद्मश्री प्रीतम भरतवाण द्वारा प्रस्तुत सुरकंडा देवी पर आधारित जागर का विधिवत विमोचन किया।
🗣️ राजकीय सेवाओं में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए कहा—
“अब उत्तराखंड में राजकीय सेवाओं का चयन केवल मेरिट, प्रतिभा और पारदर्शिता के आधार पर होगा। इच्छुक अभ्यर्थी पूरी निष्ठा से तैयारी करें, उनका भविष्य उज्ज्वल है।”
📖 जागर—संस्कृति, साधना और शक्ति का संगम
मुख्यमंत्री धामी ने जागरों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि:
“जागर केवल गीत नहीं, बल्कि वेदों जितनी गूढ़ परंपरा है। इसमें प्रकृति, पर्वत, नदियों और देवशक्तियों से संवाद स्थापित करने की शक्ति है। हर ताल और ढोल की थाप में आध्यात्मिक ऊर्जा समाहित होती है।”
उन्होंने कहा कि इस विधा को संजोने और बढ़ावा देने का कार्य सांस्कृतिक कर्तव्य है, जिसे सरकार पूर्ण समर्थन दे रही है।
🛕 धार्मिक स्थलों का पुनरुत्थान तेज़ी से जारी
सीएम धामी ने बताया कि:
- केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं।
- मानसखंड क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों का सौंदर्यीकरण और पुनरुत्थान भी चल रहा है।
- हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- मां सुरकंडा देवी मंदिर तक पहुंचने के लिए रोपवे सेवा की शुरुआत उनकी ही सरकार में हुई, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है।
🌿 जड़ों से जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से अपनी लोक परंपराओं, संस्कृति और मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि:
“उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत हमारी आत्मा का हिस्सा है। हमें इसे सहेजना और अगली पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारा सामूहिक उत्तरदायित्व है।”
👥 इनकी उपस्थिति रही विशेष
इस अवसर पर:
- कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल
- पद्मश्री जागर गायक प्रीतम भरतवाण
- राज्य के वरिष्ठ नागरिक, कला प्रेमी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।