देहरादून ,
देहरादून जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बने राशन और आयुष्मान कार्डों पर जिला प्रशासन ने इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों पर कार्य करते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर सैकड़ों फर्जी कार्डों को निरस्त कर, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
🔎 कार्रवाई का ब्योरा:
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3323 राशन कार्ड निरस्त किए गए
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9428 आयुष्मान कार्ड निरस्त
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136676 निष्क्रिय राशन कार्ड से बने थे ये फर्जी आयुष्मान कार्ड
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संबंधितों के खिलाफ नगर कोतवाली और थाना राजपुर रोड में FIR दर्ज
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कार्यवाही IPC की धारा 336(2), 336(3) व 318(4) के तहत
📊 आधिकारिक आंकड़े (देहरादून जनपद):
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल राशन कार्ड | 3,87,954 |
| सत्यापित राशन कार्ड | 75,576 |
| निरस्त राशन कार्ड | 3,323 |
| निष्क्रिय राशन कार्ड | 1,36,676 |
| इनसे बने आयुष्मान कार्ड | 9,428 |
| निरस्त किए गए आयुष्मान कार्ड | 9,428 |
🗣️ जिलाधिकारी सविन बंसल का बयान:
“फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिले में सत्यापन अभियान सख्ती से जारी रहेगा।”
⚠️ राज्य में पहली बार इतना बड़ा एक्शन:
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह अभियान पूरे प्रदेश में मिसाल बन रहा है।
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जन-कल्याणकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा रोकने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम है।
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यह पहली बार है जब देहरादून जैसे बड़े जिले में आयुष्मान योजना से जुड़े इतने कार्डों को रद्द कर कानूनी कार्रवाई की गई है।
🔍 जांच में मिले संकेत:
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राशन कार्ड बनवाने में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग
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एक संगठित गिरोह के शामिल होने की आशंका
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राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (SHA) द्वारा भी 9428 आयुष्मान कार्ड निष्क्रिय किए जा चुके हैं
📌 निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों के अनुपालन में देहरादून जिला प्रशासन का यह एक्शन न केवल सिस्टम की पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी है कि जनता के अधिकारों पर डाका डालने वाले अब नहीं बचेंगे।