“नदियां जल स्रोत नहीं, हमारी सांस्कृतिक जीवन रेखाएं हैं”— सीएम पुष्कर सिंह धामी
हरिद्वार ,
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी में आयोजित “नदी उत्सव कार्यक्रम” में भाग लेते हुए नदियों की स्वच्छता और संरक्षण का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम को सीएम धामी ने जनसामान्य को नदी संरक्षण से जोड़ने की पहल बताया और कहा कि अब समय आ गया है जब हमें “नदियों को मां की तरह मान कर उनका सम्मान करना होगा”।
🌊 मुख्यमंत्री का संदेश:
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नदियां सिर्फ जलस्रोत नहीं, बल्कि हमारी धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवनधारा हैं।
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ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी चुनौतियों से लड़ने के लिए नदियों का संरक्षण और पुनर्जीवन बेहद आवश्यक है।
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उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नदियों को प्रदूषित न करें, और उन्हें सदैव स्वच्छ, निर्मल और प्रवाहित बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
🙏 पूजन और संकल्प:
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सीएम धामी ने हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड पर मां गंगा की पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों की शांति, समृद्धि और प्रगति की कामना की।
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इस दौरान उन्होंने और उपस्थित जनसमूह ने नदियों को प्रदूषित न करने का संकल्प लिया।
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पूजा का आयोजन आचार्य अमित शास्त्री द्वारा विधिवत संपन्न कराया गया।
🌿 कार्यक्रम की विशेषताएं:
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नदी उत्सव का उद्देश्य नदी संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को व्यापक स्तर पर फैलाना था।
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मुख्यमंत्री के साथ हजारों श्रद्धालुओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया और ‘ड्राइव फॉर क्लीन रिवर्स’ की संकल्पना को मजबूत किया।
🎤 मुख्य अतिथि एवं आयोजन समिति:
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श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
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पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
