शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों संग गोष्ठी में एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश, जिम्मेदारी तय की गई अभिभावकों तक की
पुलिस लाइन, देहरादून
उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने की दिशा में देहरादून पुलिस ने एक निर्णायक कदम उठाते हुए “ड्रग फ्री कैंपस” मुहिम की शुरुआत की है। आज पुलिस लाइन देहरादून में जनपद के प्रमुख शिक्षण संस्थानों, पीजी और हॉस्टल प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें एसएसपी देहरादून और एसएसपी एसटीएफ की उपस्थिति रही।
🔹 गोष्ठी के मुख्य बिंदु:
✅ शैक्षणिक संस्थानों में ड्रग फ्री कैंपस अभियान
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सभी कॉलेजों, पीजी और हॉस्टलों को अपने परिसर को “ड्रग फ्री” घोषित करने के निर्देश।
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इसके अंतर्गत डिबेट, पोस्टर, पंपलेट, सेमिनार जैसे कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
✅ कंसेंट फॉर्म अनिवार्य
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एडमिशन के समय और हर सत्र की शुरुआत में छात्रों व उनके अभिभावकों से “नशा परीक्षण” के लिए सहमति पत्र (कन्सेंट फॉर्म) भरवाया जाएगा।
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यदि किसी छात्र पर नशे की आशंका होती है, तो पुलिस उस फॉर्म के आधार पर अचानक मेडिकल टेस्ट करा सकेगी।
✅ ड्रग्स के मामलों में सख्त कार्रवाई
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नशे में संलिप्त किसी भी छात्र की जानकारी मिलने पर संस्थान को उसे निष्कासित करने की कार्रवाई करनी होगी।
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ड्रंक एंड ड्राइव या अन्य अपराधों में पकड़े गए छात्रों की सूचना संबंधित संस्थानों को दी जाएगी और संस्थान की जवाबदेही होगी कि वे क्या कदम उठाते हैं, इसकी जानकारी पुलिस को दें।
✅ सूचना छुपाने पर संस्थान पर होगी कार्रवाई
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नशा संबंधित किसी भी जानकारी को छुपाने पर संबंधित संस्थान/हॉस्टल/पीजी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में कड़ी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
✅ नशा पीड़ित छात्रों के लिए काउंसलिंग और रिफरल
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नशे की गिरफ्त में आए छात्रों की जानकारी मिलने पर उन्हें राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14446 पर सूचित कर एडिक्शन सेंटर रैफर करने के निर्देश भी दिए गए।
✅ एंटी-ड्रग कमेटी की भूमिका
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संस्थानों में गठित एंटी-ड्रग कमेटी को नियमित बैठकें आयोजित कर छात्रों के बीच सकारात्मक माहौल बनाने को कहा गया।
✅ महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:
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1933 – नशा विरोधी राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर, जिसे छात्रों के बीच प्रचारित करने के निर्देश।
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14446 – नशा से ग्रसित छात्रों के लिए काउंसलिंग और उपचार की सुविधा हेतु राष्ट्रीय हेल्पलाइन।
🔸 एसएसपी देहरादून का बयान:
“युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में आने से बचाने के लिए ‘ड्रग फ्री कैंपस’ की शुरूआत की गई है। अब संस्थानों के साथ-साथ छात्रों और अभिभावकों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा रही है। यदि कोई संस्थान अपनी जिम्मेदारी में चूक करता है, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई तय है।”