देहरादून,
भारत सरकार के “खसरा-रूबेला उन्मूलन अभियान 2026” के तहत शुक्रवार को देहरादून में जनपद स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें जनपद के सभी चिकित्सालयों से चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रतिभाग किया।
🎯 अभियान का मुख्य उद्देश्य:
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2026 तक खसरा और रूबेला रोग का उन्मूलन
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05 वर्ष तक के सभी अप्रतिरक्षित बच्चों का टीकाकरण
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बुखार और लाल चकते के लक्षण वाले संदिग्ध रोगियों की पहचान व उपचार
🛡️ वैक्सीन की महत्ता:
कार्यशाला में बताया गया कि खसरा-रूबेला (MR) वैक्सीन बच्चों को न केवल जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा देती है, बल्कि इससे खसरे के कारण होने वाले दस्त, निमोनिया और प्रतिरक्षा क्षमता में कमी जैसी गंभीर समस्याओं से भी बचाव होता है।
📆 विशेष टीकाकरण सप्ताह:
अभियान के अंतर्गत 21 जुलाई से सितंबर माह तक “विशेष टीकाकरण सप्ताह” आयोजित किया जाएगा। इसमें नियमित टीकाकरण से वंचित सभी बच्चों को वैक्सीन दी जाएगी, जिससे शत-प्रतिशत प्रतिरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
👥 कार्यशाला में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
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डॉ. दिनेश चौहान – जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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डॉ. निधि रावत – अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून
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डॉ. कुलदीप मर्तोलिया – राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी
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डॉ. विशाल (UNDP)
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डॉ. विकास शर्मा (WHO)
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सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, अर्बन सेंटरों के अधिकारी व कार्यक्रम प्रबंधक
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय अभियान को गंभीरता से लें और जनपद में MR उन्मूलन का लक्ष्य समय से पहले प्राप्त करें।
