देहरादून,
उत्तराखंड में सहकारिता के विस्तार और मजबूती को लेकर आगामी 8 व 9 जुलाई को एक राज्य स्तरीय दो दिवसीय मंथन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय बुधवार को सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया।
🎯 मंथन कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य:
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सहकारी बैंकों व एमपैक्सों (MPAXs) को अधिक सुदृढ़ व सुविधाजनक बनाना
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स्वरोजगार और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना
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वाइब्रेंट विलेज योजना को सहकारिता से जोड़ना
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त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय परिसर की स्थापना की रणनीति
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केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय सहकारिता लक्ष्यों का कार्यान्वयन
डॉ. रावत ने कहा कि इस मंथन का लक्ष्य उत्तराखंड को सहकारिता आधारित मॉडल राज्य के रूप में विकसित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक में जिन लक्ष्यों को तय किया गया था, उन्हें धरातल पर लाने के लिए उत्तराखंड में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
👥 प्रतिभागी अधिकारी:
इस कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के जनपद स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के सभी अधिकारी भाग लेंगे।
उपस्थित अधिकारी होंगे:
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सहायक निबंधक, उप निबंधक
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राज्य व जिला सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशक व महाप्रबंधक
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सहकारी समितियों के सचिव
🗣️ मंत्री का बयान:
“सहकारिता को माध्यम बनाकर प्रदेश को मॉडल स्टेट बनाने के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। मंथन कार्यक्रम में केंद्र के एजेंडे के साथ ही प्रदेश के स्थानीय जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा।”
— डॉ. धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री, उत्तराखंड
📝 समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारी:
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बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम – सचिव, सहकारिता
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मेहरबान सिंह बिष्ट – निबंधक, सहकारिता
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अन्य विभागीय अधिकारी
