मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक: ई-गवर्नेंस को मिलेगी नई रफ्तार, कर्मियों के डाटा अपडेट पर जोर – uttarakhandawaaz.in

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक: ई-गवर्नेंस को मिलेगी नई रफ्तार, कर्मियों के डाटा अपडेट पर जोर

देहरादून,

उत्तराखंड सचिवालय में बुधवार को मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक सुधारों और सरकारी कर्मियों की सेवा-संबंधी व्यवस्थाओं को डिजिटल रूप देने पर गहन मंथन हुआ।

मुख्य सचिव ने ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।


🔹 ई-डीपीआर मॉड्यूल लागू करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को ई-डीपीआर (Electronic Detailed Project Report) मॉड्यूल को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि DPR तैयार करने से लेकर अनुमोदन तक की पूरी प्रक्रिया ई-डीपीआर सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन की जाए, जिससे पारदर्शिता और ट्रैकिंग सुनिश्चित हो सके।


🔹 कर्मचारियों की सर्विस बुक व GPF डाटा हो अपडेट

मुख्य सचिव ने यूकेपीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से सभी कर्मचारियों की सर्विस बुक के डाटा को अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और वाहन चालकों के GPF (सामान्य भविष्य निधि) संबंधी विवरण भी नियमित अपडेट करने को कहा।

साथ ही आईएफएमएस मैकेनिज्म को मजबूत करने की आवश्यकता जताई गई ताकि सेवा रिकॉर्ड डिजिटल और सुलभ हो सकें।


🔹 ई-ऑफिस और बायोमैट्रिक उपस्थिति को मिले 100% क्रियान्वयन

बैठक में अधिकारियों को अपने-अपने विभागों एवं जनपद स्तरीय कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली को शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली को भी अनिवार्य रूप से सभी कार्यालयों में प्रभावी करने को कहा गया।


🔹 वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के लिए शुक्रवार निर्धारित

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अब सिर्फ शुक्रवार शाम को ही आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग अपने मुद्दे शुक्रवार को साझा करें और वीसी का एजेंडा समय से पूर्व भेजा जाए ताकि अन्य जरूरी कार्यों में कोई व्यवधान न हो।


🔹 आईएएस अधिकारी अपनाएं अपने पुराने कार्यक्षेत्र

मुख्य सचिव ने IAS अधिकारियों से अपने प्रथम, द्वितीय व तृतीय नियुक्ति वाले कार्यक्षेत्र (विकासखंड, तहसील, जिला मुख्यालय) को गोद लेने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके माध्यम से वे उन क्षेत्रों में फ्लैगशिप योजनाओं के कार्यान्वयन की गहन निगरानी कर सकेंगे।


🔹 बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:

  • आर.के. सुधांशु

  • आर. मीनाक्षी सुंदरम

  • शैलेश बगौली

  • नितेश कुमार झा

  • राधिका झा

  • सचिन कुर्वे

  • दिलीप जावलकर

  • डॉ. पंकज कुमार पांडेय

  • डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा

  • चंद्रेश कुमार यादव

  • डॉ. नीरज खैरवाल

  • दीपेन्द्र कुमार चौधरी

  • डॉ. सुरेन्द्र नारायण पांडेय

  • विनोद कुमार सुमन

  • रणवीर सिंह चौहान

  • धीराज सिंह गर्ब्याल
    … एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।


विश्लेषण:
इस बैठक से साफ है कि उत्तराखंड सरकार डिजिटल प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता लाने के लिए ई-डीपीआर, ई-ऑफिस और बायोमैट्रिक जैसे उपकरण अब केंद्र में हैं। साथ ही, जिलों के प्रशासनिक दबाव को संतुलित करने का प्रयास भी महत्वपूर्ण है।

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