देहरादून,
राजधानी देहरादून स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज एक और मानवीय पहल करते हुए प्रोजेक्ट “नंदा-सुनंदा” के अंतर्गत 5 जरूरतमंद बालिकाओं को ₹1,65,800 के चेक वितरित किए। यह सहायता उन बालिकाओं को दी गई है जिनकी शिक्षा पारिवारिक आर्थिक संकट के कारण बाधित हो गई थी।
जिले में अब तक इस परियोजना के तहत ₹14 लाख से अधिक की सहायता से 38 बालिकाओं की शिक्षा पुनः आरंभ कराई गई है — यह प्रयास न केवल बेटियों को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सोच को भी नया आकार दे रहा है।
🔹 चेक प्राप्त करने वाली बालिकाएं और सहायता राशि:
| नाम | कक्षा | संस्थान | सहायता राशि |
|---|---|---|---|
| गौरांशी सिंघल | 12वीं | न्यू इमेज इंटरनेशनल ब्यूटी इंस्टिट्यूट | ₹35,000 |
| अनुष्का क्षेत्री | 11वीं | केंद्रीय विद्यालय | ₹7,800 |
| वैष्णवी | 12वीं | शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल | ₹33,000 |
| तनु शर्मा | 12वीं | उत्तरांचल यूनिवर्सिटी | ₹60,000 |
| शताक्षी शर्मा | 11वीं | इंडियन अकैडमी, नेहरू कॉलोनी | ₹30,000 |
🌸 बेटियों के लिए डीएम का भावुक संदेश:
डीएम सविन बंसल ने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा:
“आप अपनी शिक्षा की स्पार्क को जारी रखें, प्रशासन आपकी शिक्षा का वहन करेगा। नंदा-सुनंदा एक ग्लोबल प्रयास है — हम रहें या न रहें, यह प्रोजेक्ट चलता रहेगा।”
उन्होंने कोर टीम का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने एक महीने से कम समय में सभी औपचारिकताएं पूरी कर योग्य बालिकाओं को लाभांवित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का यह प्रयास समाज में बदलाव की बुनियाद रखेगा।
🙏 बेटियों की भावनाएं:
बेटियों और उनके परिजनों ने डीएम का धन्यवाद करते हुए कहा:
“थैंक्यू डीएम सर, आपने हमारी शिक्षा को फिर से रास्ता दिखाया। हमारा प्रयास रहेगा कि हम मेहनत कर जरूरतमंदों की मदद कर सकें।”
