देहरादून ,
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट कर प्रदेशभर में फैली प्रशासनिक लापरवाही और अधिकारियों की निष्क्रियता को लेकर गंभीर चर्चा की।
नेगी ने मुख्यमंत्री के समक्ष आमजन की पीड़ा रखते हुए आरोप लगाया कि विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के गठजोड़ के कारण आम जनता की आवाज अनसुनी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को न तो जनसमस्याओं की गंभीरता का अहसास है, न ही वे पीड़ितों की बात सुनने को तैयार हैं।
नेगी का कहना था कि आम नागरिकों द्वारा दायर की गई शिकायतें और पत्रावलियां महीनों तक फाइलों के बीच घूमती रहती हैं, कई बार तो दस्तावेज़ गुम हो जाते हैं या जानबूझकर टाल दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सुविधा शुल्क के इंतजार में फाइलों को जानबूझकर दबा देते हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए अपने प्रशासनिक अमले को सख्त निर्देश देने की बात कही और कहा कि लापरवाह अधिकारियों पर सख्ती बरती जाएगी ताकि व्यवस्था में जरूरी सुधार हो सके।
नेगी ने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री की सक्रियता से व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और आमजन को न्याय मिल सकेगा।
