CMO देहरादून ने NHM की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
देहरादून,
वर्षा ऋतु की संभावित आपदाओं को देखते हुए देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने सोमवार को एक अहम निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि आपदा संभावित क्षेत्रों में चिन्हित गर्भवती महिलाओं को संभावित प्रसव तिथि से एक सप्ताह पूर्व निकटतम प्रसव केंद्र में भर्ती किया जाएगा, ताकि सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक में डॉ. शर्मा ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में संस्थागत प्रसव, ANC जांच, टीकाकरण, मातृ-शिशु मृत्युदर, टीबी मुक्त भारत अभियान, डेंगू रोकथाम, कायाकल्प योजना और हेल्थ वेलनेस सेंटर्स जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
CMO डॉ. शर्मा ने कहा, “मानसून को देखते हुए सभी चिकित्सा इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में उन गर्भवती महिलाओं की पहचान करें जिनकी डिलीवरी तिथि वर्षाकाल के दौरान है। ऐसे मामलों में महिलाओं को समयपूर्व सुरक्षित स्थानों पर भर्ती कराना आवश्यक है।”
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश:
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ANC जांच और संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दी जाए ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम किया जा सके।
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टीकाकरण और बाल स्वास्थ्य जांच की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए।
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आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कैंसर की संभावनाओं की स्क्रीनिंग के बाद संदिग्ध मामलों का रेफरल और फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
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कोविड व डेंगू के मामलों की पुष्टि संबंधित लैब से सत्यापन के बाद ही पोर्टल पर की जाए।
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डेंगू रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान एवं ब्लॉक स्तर पर निरोधात्मक कार्यवाही को प्रभावी बनाया जाए।
डॉ. शर्मा ने द्वितीय तिमाही में सभी लाभार्थी केंद्रित योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावशाली तरीके से लागू करने पर जोर दिया और चिकित्सा अधीक्षकों को कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी.एस. रावत, डॉ. राजीव दीक्षित, डॉ. एन.के. त्यागी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप चौहान, डॉ. प्रताप रावत, डॉ. विक्रम तोमर सहित सभी जिला एवं ब्लॉक स्तर के कार्यक्रम प्रबंधक, लेखा एवं डाटा प्रबंधक मौजूद रहे।