पंचायत चुनावों के लिए कांग्रेस ने फूंका बिगुल, 12 जिलों के लिए प्रभारी नियुक्त, समन्वयक की भूमिका में ललित फर्स्वाण – uttarakhandawaaz.in

पंचायत चुनावों के लिए कांग्रेस ने फूंका बिगुल, 12 जिलों के लिए प्रभारी नियुक्त, समन्वयक की भूमिका में ललित फर्स्वाण

देहरादून, 
उत्तराखंड में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियों को धार देनी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा की अध्यक्षता में शनिवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित अहम बैठक में राज्य के सभी 12 जिलों के लिए प्रभारी नेताओं की नियुक्ति की गई। साथ ही चुनावी रणनीति पर गहन मंथन हुआ।

इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस ग्राम पंचायत सदस्य से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक सभी स्तरों पर मजबूत उम्मीदवार उतारेगी और चुनाव पूरी गंभीरता व ताकत से लड़ा जाएगा। चुनाव समन्वय की जिम्मेदारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता ललित फर्स्वाण को सौंपी गई है।

🔷 12 जिलों के लिए नियुक्त प्रभारी:

  • चंपावत: महेंद्र सिंह पाल (पूर्व सांसद)

  • बागेश्वर: महेंद्र सिंह लूंठी

  • अल्मोड़ा: धीरेन्द्र प्रताप

  • पिथौरागढ़: भगीरथ भट्ट (प्रदेश उपाध्यक्ष)

  • नैनीताल: संजीव आर्या (पूर्व विधायक)

  • उधम सिंह नगर: रणजीत सिंह रावत (पूर्व विधायक)

  • टिहरी: सूर्यकांत धस्माना (प्रदेश उपाध्यक्ष)

  • उत्तरकाशी: मंत्री प्रसाद नैथानी (पूर्व मंत्री)

  • रुद्रप्रयाग: विक्रम सिंह नेगी (विधायक)

  • देहरादून: वीरेंद्र जाती (विधायक)

  • चमोली: प्रदीप थपलियाल

  • पौड़ी: लखपत बुटोला (विधायक)

🗣️ कांग्रेस नेताओं के तीखे तेवर:

प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पंचायत चुनावों की शुरुआत बेईमानी और अनियमितता से की है। उन्होंने कहा कि आरक्षण रोस्टर को शून्य करना असंवैधानिक है और यह पंचायती राज अधिनियम का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दो चरणों में चुनाव कराकर अपनी संभावित हार से बचना चाहती है।

हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आशंका जताई कि सरकार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करेगी और कांग्रेस को इसके प्रति सतर्क रहना होगा।

पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरक्षण में अनियमितता का मुद्दा उठाते हुए बताया कि पौड़ी जिले में धांधली के खिलाफ याचिकाएं न्यायालय में लंबित हैं, जिनकी सुनवाई 24 जून को होगी।

डॉ. हरक सिंह रावत ने सुझाव दिया कि जिला प्रभारियों के साथ-साथ विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर भी प्रभारी व समन्वयक नियुक्त किए जाएं ताकि जमीनी स्तर पर चुनावी समन्वय मज़बूत किया जा सके।

🔜 अगला कदम: विधानसभा स्तर पर समन्वयक

वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि पार्टी जल्द ही विधानसभा स्तर के समन्वयकों की घोषणा करेगी, जो जिला प्रभारी, जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ मिलकर चुनावी गतिविधियों को गति देंगे।


निष्कर्ष:
कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह आगामी पंचायत चुनावों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। संगठनात्मक मजबूती और रणनीतिक समन्वय के बल पर पार्टी मैदान में पूरी ताकत से उतरने जा रही है।

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