हरिद्वार ,
हरिद्वार में दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गाज़ का सिक्ख समाज द्वारा भव्य स्वागत किया गया। जत्थेदार ज्ञानी गर्गाज़ ने प्रेमनगर चौक स्थित निर्मल विरक्त कुटिया गुरुद्वारे में माथा टेका और पंचपुरी क्षेत्र के सभी प्रमुख गुरुद्वारों के पदाधिकारियों से मुलाकात की।
🔹 समस्याएं सुनी, संघर्ष को बताया जायज
बैठक में गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी से जुड़ा ज्ञापन उन्हें सौंपा गया, जिसमें पिछले 9 वर्षों से शांतिपूर्ण आंदोलन की जानकारी दी गई। जत्थेदार ने धरना स्थल का निरीक्षण कर कहा,
“सरकार तभी सुनेगी जब सिक्ख समाज एकजुट होकर अपनी मांगें रखेगा। यह लड़ाई धर्मस्थल की अस्मिता की है, जिसमें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पूर्ण सहयोग देगी।”
📌 ज्ञान गोदड़ी स्थल पर समाधान की मांग
सिक्ख समाज की वर्षों पुरानी मांग रही है कि गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी, जो ऐतिहासिक रूप से प्रथम पातशाही गुरु नानक देव जी से जुड़ा स्थल माना जाता है, उसे उसके मूल स्थान पर पुनः स्थापित किया जाए।
🗣️ समाज की आवाज़: धरना जारी रहेगा
संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा:
“जब तक सरकार मूल स्थान आवंटित नहीं करती, शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा।”
बाबा पंडत और सूबा सिंह ढिल्लो ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा कमेटी तो बना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
🤝 शिरोमणि कमेटी का वादा
जत्थेदार ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याएं SGPC के समक्ष रखी जाएंगी और सरकारी वार्ता के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
👥 उपस्थित प्रमुख लोग:
उज्जल सिंह सेठी, हरभजन सिंह, सुखदेव सिंह, अनूप सिंह सिद्धू, बलविंदर सिंह, करमजीत सिंह, विक्रम सिंह, संत बलजिंदर सिंह शास्त्री सहित सैकड़ों सिक्ख श्रद्धालु मौके पर मौजूद रहे।
यह दौरा हरिद्वार में सिक्ख समाज की धार्मिक आकांक्षाओं और समस्याओं को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ है। गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी का मुद्दा अब फिर से राजनीतिक और धार्मिक एजेंडों में प्रमुखता से उठने की संभावना है।