देहरादून ,
उत्तराखंड सरकार आईटी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक नई आईटी इंडस्ट्री पॉलिसी लागू करने जा रही है, जिसमें सब्सिडी और रियायतें सीधे तौर पर कंपनियों द्वारा प्रदान किए जाने वाले रोजगार के स्तर से जुड़ी होंगी।
🧭 नीति की खास बातें:
▪️ रोजगार आधारित सब्सिडी मॉडल:
जितना अधिक राज्य के युवाओं को रोजगार, उतनी अधिक कंपनी को सब्सिडी।
▪️ निवेश के लिए अनुकूल माहौल:
सरकार राज्य में आईटी उद्यमों को स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल और आकर्षक बनाएगी।
▪️ राज्य कैबिनेट में मंजूरी जल्द:
सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने बताया कि पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार है और डेढ़ महीने के भीतर कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
💡 आईटी सेक्टर में अवसर:
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों का स्वच्छ पर्यावरण, कनेक्टिविटी और अपेक्षाकृत शांत वातावरण आईटी क्षेत्र के लिए बेहद अनुकूल है। सरकार का मानना है कि भारी उद्योगों की सीमाओं के बीच आईटी सेक्टर उत्तराखंड के लिए ट्रिगर पॉइंट बन सकता है।
▪️ वर्तमान स्थिति:
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लगभग 100 छोटी और मझोली आईटी कंपनियां
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कुल वार्षिक टर्नओवर: ₹500 करोड़
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अब तक कोई बड़ी कंपनी नहीं
राज्य सरकार की यह रणनीति है कि यदि कोई बड़ा आईटी समूह यहां निवेश करता है, तो उसके पीछे अन्य कंपनियां और स्टार्टअप्स भी आकर्षित होंगे।
📢 सरकार की रणनीति स्पष्ट:
“हम रोजगार को प्राथमिकता में रखकर निवेश को आकर्षित करना चाहते हैं। आईटी जैसे लचीले सेक्टर के लिए उत्तराखंड में संभावनाएं अपार हैं।”
– राजशेखर जोशी, उपाध्यक्ष, सेतु आयोग
उत्तराखंड सरकार की नई आईटी पॉलिसी आने वाले समय में रोजगार सृजन, उद्योग विकास और डिजिटल उत्तराखंड की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। यदि नीति में वादे के अनुसार पारदर्शिता और त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ, तो राज्य जल्द ही उत्तर भारत का आईटी हब बनकर उभर सकता है।
