हरिद्वार ,
आज ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी, जिसे निर्जला एकादशी कहा जाता है, के पावन अवसर पर उत्तराखंड के पवित्र नगर हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। निर्जल व्रत और गंगा स्नान के विशेष पुण्यकाल में देशभर से आए लाखों श्रद्धालुओं ने मां गंगा के निर्मल जल में स्नान कर आत्मशुद्धि का अनुभव किया।
🌿 निर्जला एकादशी: व्रत, स्नान और तप का संगम
निर्जला एकादशी सभी 24 एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ और कठिनतम व्रत माना जाता है, क्योंकि इस दिन व्रती जल तक ग्रहण नहीं करते। मान्यता है कि इस व्रत से सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है और समस्त पापों का नाश होता है।
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भगवान विष्णु की पूजा तुलसी दल के बिना अधूरी मानी जाती है
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व्रती गंगा स्नान, पिंडदान, तर्पण और दान करते हैं
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पितरों की शांति के लिए विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है
🚿 हर की पौड़ी सहित तमाम घाटों पर लगा आस्था का मेला
सुबह 4 बजे से ही हर की पौड़ी, मालवीय घाट, सबरी घाट और अन्य प्रमुख स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति की कामना कर रहे हैं।
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सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम: जिला प्रशासन ने पुलिस, होमगार्ड, जल पुलिस और एनडीआरएफ को तैनात किया है
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गुरुवार को गंगा दशहरा स्नान में भी 20 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे
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आज भी निर्जला एकादशी पर भीड़ का आंकड़ा लाखों में पहुंचने की संभावना
🙏 श्रद्धालुओं की आस्था और अनुभव
गंगा में स्नान कर लौटे श्रद्धालु कहते हैं:
“गंगा जल में डुबकी लगाते ही आत्मा जैसे निर्मल हो गई। ये सिर्फ स्नान नहीं, एक दिव्य अनुभव है।”
– रामचंद्र साहू, प्रयागराज से आए श्रद्धालु
“निर्जला व्रत से तन-मन शुद्ध होता है और जीवन में नई ऊर्जा आती है।”
– सीमा देवी, पटना
📜 एकादशी की पौराणिक मान्यता
पुराणों में वर्णन है कि:
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जो व्यक्ति एक वर्ष की सभी एकादशियों का व्रत करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है
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तीन प्रकार के पाप — मन, वाणी और कर्म — इस व्रत से नष्ट होते हैं
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निर्जला एकादशी में गंगा स्नान और व्रत से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है
हरिद्वार में आज श्रद्धा, भक्ति और तपस्या का संगम देखने को मिला। निर्जला एकादशी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मकल्याण और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर है। गंगा की गोद में स्नान कर लोगों ने न सिर्फ अपने पापों का प्रायश्चित किया, बल्कि अपने पितरों के उद्धार और ईश्वर की प्राप्ति की कामना भी की।