देहरादून ,
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई में भूमि विवादों ने सबसे अधिक ध्यान खींचा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 85 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें अधिकांश जमीन से संबंधित थीं। डीएम ने अधिकारियों को सभी शिकायतों को गंभीरता से लेने और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
प्रमुख शिकायतें और डीएम के निर्देश:
-
पुलमा देवी की भूमि विवाद शिकायत:
शास्त्रीनगर तपोवन निवासी पुलमा देवी ने बताया कि उन्होंने 2007 में ऋषिकेश में टिहरी विस्थापितों को आवंटित भूमि खरीदी थी। रजिस्ट्री होने के बावजूद 2020 में उसी जमीन को पुनः किसी अन्य को बेच दिया गया।
डीएम ने एसडीएम ऋषिकेश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर रिपोर्ट एसआईटी को भेजने का निर्देश दिया। -
विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति:
मियांवाला, भाऊवाला और सिमोग क्षेत्र के स्कूलों की जर्जर दशा की शिकायत पर मुख्य शिक्षा अधिकारी से एक दिन में रिपोर्ट तलब की गई। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों को भी अपने क्षेत्रों की स्थिति रिपोर्ट करने के निर्देश मिले। -
भूमि सीमांकन की पुरानी शिकायत:
ग्राम तौली निवासी हुकम सिंह ने 2023 से सीमांकन न होने की शिकायत दोहराई। डीएम ने वन विभाग को तीन दिन में कार्रवाई पूरी करने को कहा। -
अवैध निर्माण:
परिजात एन्कलेव, बद्रीपुर की महिला ने खिड़की के अवैध निर्माण की शिकायत की, जिस पर एमडीडीए को नोटिस जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। -
दिव्यांग महिला की आर्थिक सहायता:
बबीता नामक दिव्यांग महिला को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के निर्देश जिला उद्योग केंद्र को दिए गए। -
बीएसएनएल कर्मचारी का वेतन भुगतान मामला:
सुमित सिंह ने मार्च 2021 से मई 2022 तक वेतन और ईपीएफ न मिलने की शिकायत की। डीएम ने जीएम बीएसएनएल को जांच कर कार्रवाई करने को कहा। -
सीवर बहाव की समस्या:
पशुपति एन्कलेव, रायपुर में सीवर बहने की शिकायत पर नगर निगम को सफाई टीम तत्काल भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, एसडीएम अपूर्वा सिंह व कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जीएमडीआईसी अंजली रावत, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित कई अन्य अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
