देहरादून ,
उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता (UCC) को पूरे राज्य में लागू कर ऐतिहासिक कदम उठाया। अब सरकार की इस पहल को तेजी से जनसमर्थन मिल रहा है। केवल चार माह में डेढ़ लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और राज्य के 98% गांवों से लोगों ने इस प्रक्रिया में भागीदारी दर्ज कराई है।
📊 मुख्यमंत्री का प्रस्तुतिकरण:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में भाग लेते हुए उत्तराखंड में UCC के क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया:
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जनभागीदारी बढ़ाने के लिए पोर्टल और मोबाइल ऐप विकसित किए गए हैं।
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14,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) को प्रणाली से जोड़ा गया है।
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ऑटो एस्केलेशन व ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम के जरिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
🧾 पृष्ठभूमि और प्रक्रिया:
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वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में CM धामी ने जनता से वादा किया था कि सत्ता में आने पर UCC लागू किया जाएगा।
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27 मई 2022 को जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई।
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13 जिलों में जन परामर्श कर समिति ने 2.32 लाख सुझाव एकत्र किए।
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समिति ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आयोगों से संवाद किया।
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7 फरवरी 2024 को विधेयक विधानसभा में पारित हुआ, और 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई।
⚖️ प्रमुख प्रावधान और प्रभाव:
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हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह, तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं पर प्रतिबंध।
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सभी धर्मों में बेटियों को संपत्ति में समान अधिकार।
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लिव-इन संबंधों से जन्मे बच्चों को भी संपत्ति में बराबरी का हक।
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बच्चों की संपत्ति में माता-पिता को अधिकार, जिससे बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो।
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समान अधिकारों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को नया बल।
🙏 प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धन्यवाद:
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का मार्गदर्शन व सहयोग के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि
“संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना को उत्तराखंड ने पहली बार व्यवहारिक धरातल पर साकार किया है।”