देहरादून ,
उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलस्टर विद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि 30 जून 2025 तक सभी जिलों को अपने चयनित कलस्टर विद्यालयों की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) शासन को सौंपनी होगी।
डॉ. रावत ने चेताया कि जो जनपद समय पर डीपीआर प्रस्तुत नहीं करेंगे, उनसे महानिदेशालय स्तर पर स्पष्टीकरण लिया जाएगा। इस संबंध में महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
बजट समीक्षा हर तीन माह में
बैठक में उन्होंने विभागीय बजट के उचित उपयोग पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तीन माह में बजट व्यय की समीक्षा की जाएगी ताकि वित्तीय वर्ष के अंत में बजट की अनुपयोगिता से छात्रों को नुकसान न हो।
शिक्षक भर्ती व स्थानांतरण में तेजी
प्राथमिक शिक्षा विभाग की लंबित प्रक्रियाओं पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि:
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पांचवीं काउंसलिंग शीघ्र पूरी की जाए और दूरस्थ क्षेत्रों में नवनियुक्त शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
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बीआरपी-सीआरपी भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए इसे जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती में भी तेजी लाने को कहा गया।
स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता
उन्होंने वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने के निर्देश दिए। पात्र शिक्षकों का स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाए और यह सुनिश्चित हो कि विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुरूप शिक्षक तैनात हों।
डॉ. रावत ने सख्त लहजे में कहा – “भविष्य में विभागीय शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो लापरवाही करेगा, उस पर कार्रवाई तय है।”