देहरादून ,
देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में बुधवार को एक प्रेरणादायक और साहसिक पल देखा गया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के तृतीय पर्वतारोहण अभियान ‘शौर्य’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
- अभियान का उद्देश्य केदार डोमश (6,832 मी.) चोटी पर विजय प्राप्त करना है।
- 44 सदस्यीय दल इस चुनौतीपूर्ण पर्वतारोहण में भाग ले रहा है।
- ट्रैक रूट: देहरादून → उत्तरकाशी → गंगोत्री → चिरबासा → भोजवासा → तपोवन → कीर्ति ग्लेशियर → केदार डोमश।
NDRF का यह साहसिक अभियान, ना सिर्फ शारीरिक क्षमताओं की परीक्षा है, बल्कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशनों के लिए जरूरी प्रशिक्षण और अनुकूलन का एक हिस्सा भी है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा:
“एनडीआरएफ के जवान न सिर्फ आपदाओं में जनसेवा कर रहे हैं, बल्कि साहसिक गतिविधियों में भाग लेकर युवाओं को प्रेरणा भी दे रहे हैं।”
- राज्य सरकार साहसिक पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

- ऐंगलिंग, साइक्लिंग, राफ्टिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- टिहरी वाटर स्पोर्ट्स, नयार महोत्सव जैसी प्रतियोगिताएं राज्य को साहसिक खेलों का गढ़ बना रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को आधुनिक संसाधनों और तकनीकी दक्षता से सुसज्जित कर रही है:
- SDRF व पुणे स्थित इंडियन रेस्क्यू एकेडमी के साथ एमओयू।
- केंद्र सरकार की सहायता से 1480 करोड़ रुपये की परियोजना: उत्तराखंड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेसीलियंट प्रोजेक्ट।
📌 DG NDRF पीयूष आनंद ने कहा:
“यह ट्रैकिंग अभियान हमारे जवानों को हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू मिशन के लिए तैयार करेगा। हमारा लक्ष्य है, Time of Response को न्यूनतम करना।”
🚩 अन्य प्रमुख उपस्थित dignitaries:
- मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन
- DGP दीपम सेठ
- आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहेला
- सचिव विनोद सुमन
अभियान ‘शौर्य’ केवल एक पर्वतारोहण नहीं, बल्कि साहस, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। यह उत्तराखंड को न केवल आपदा प्रबंधन में सशक्त बनाएगा, बल्कि एडवेंचर टूरिज्म के वैश्विक नक्शे पर भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।