देहरादून ,
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने शुक्रवार को जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मातृत्व, शिशु, किशोर, मानसिक स्वास्थ्य, आशा कार्यक्रम, कायाकल्प, परिवार नियोजन, एनसीडी और पीएनडीटी एक्ट से जुड़ी योजनाओं की अद्यतन स्थिति का गहन परीक्षण किया।
सीएमओ डॉ. शर्मा ने मातृत्व स्वास्थ्य को एनएचएम का मुख्य स्तंभ बताते हुए इस पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की पूर्ण ANC (एंटीनेटल केयर) जांच सुनिश्चित की जाए और संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दी जाए ताकि मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम किया जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ हो। लाभार्थीपरक योजनाओं, विशेषकर वित्तीय प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को तय समयसीमा के भीतर प्रदान किया जाए।
बैठक में ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा इकाइयों के अधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, लेखा प्रबंधक, डाटा प्रबंधक समेत सभी जिला और ब्लॉक स्तरीय समन्वयक उपस्थित रहे। सीएमओ ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर योजनाएं बनाकर कार्यक्रमों की अनुश्रवण और मूल्यांकन को नियमित रूप से किया जाए ताकि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
यह बैठक मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य स्थिति और अधिक सुदृढ़ की जा सकेगी।