पिछडा आयोग की सलाह के बिना लागू किया ओबीसी कानून
देहरादून,
रेशम बोर्ड के निवर्तमान उपाध्यक्ष व भाजपा नेता अजीत चैधरी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी ने मुस्लिम वोट प्राप्त करने के उददेश्य से 2012 में ममता सरकार ने एक ओबीसी कानून लागू किया जिसे असंवैधानिक तरीके से लागू किया है यह कानून पिछडा आयोग की सलाह के बिना लागू किया जो ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय है। यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि इस कानून में 71 नई जातियां जो ओबीसी में जोडी गई हैं उसमें 65 जातियां मुसलमानों के लिए हैं। उन्होंने कहा कि जो कुल जातियां 179 है में से 118 जातियां मुस्लिम समुदाय से है जो अधिकार हिन्दू ओबीसी को मिलना चाहिए था। वह ममता सरकार से असैवधानिक तरीके से मुस्लिम समुदाय को दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने 2010 से 2024 तक जो भी सर्टिफिकेट जारी किये गये वह अमान्य है जो सटिफिकेट निरस्त कर दिये गये और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक सवैधानिक पद पर बैठे हुए हाई कोर्ट के इस फैसले को मानने से मनाकर रही है। उन्होंने कहा कि इसका पुरजोर विरोध किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस फैसले से भाजपा पार्टी ओबीसी मोर्चा महानगर घोर निन्दा करता है।