BotBro, BotAlpha समेत कई फर्जी ट्रेडिंग कंपनियों के जरिए निवेशकों को बनाया जा रहा था निशाना, अधिक मुनाफे और विदेश यात्राओं का दिया जाता था लालच
देहरादून ,
उत्तराखंड में ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ ने BotBro, BotAlpha, Cross Market, Mine Crypto, Meta Trade 5, Financial Freedom और TLC Coin जैसी कथित फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनियों के माध्यम से लोगों को निवेश के नाम पर ठगने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठा मुख्य आरोपी लविश चौधरी इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपियों द्वारा प्रदेश के भोले-भाले नागरिकों को कम समय में अधिक मुनाफा कमाने, आर्थिक रूप से समृद्ध होने और विदेश यात्राओं का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इन प्रकरणों की जांच के लिए एसटीएफ के अधीन विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।
एसआईटी ने शिकायतकर्ताओं के बयान, बैंक खातों के स्टेटमेंट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी नवीन सिंह नेगी वर्ष 2022 से QFX कंपनी से जुड़ा हुआ था। बाद में वह विदेश में बैठे मुख्य आरोपी लविश चौधरी द्वारा संचालित BotBro और BotAlpha जैसी कंपनियों के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए जोड़ने लगा था। आरोपी नवीन सिंह नेगी कंपनी में किंग लेवल के पोर्टफोलियो धारक के रूप में कार्य कर रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित कंपनियां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) में पंजीकृत नहीं थीं। इसके बावजूद निवेशकों को अधिक लाभ का भरोसा देकर उनसे बड़ी धनराशि जमा कराई जा रही थी।
एसटीएफ के मुताबिक, BotBro कंपनी बंद होने और उसके खिलाफ विभिन्न मुकदमे दर्ज होने के बावजूद नवीन सिंह नेगी ने RISENWAYS नाम से नई कंपनी बनाकर लोगों को दोबारा ऑनलाइन बिजनेस से जोड़ने का प्रयास किया। इसके लिए Zoom Meeting के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा था।
कविता परमार के नेटवर्क में 10 से 15 हजार लोगों के जुड़े होने का दावा
इस मामले में गिरफ्तार दूसरी आरोपी कविता परमार से पूछताछ में भी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच के अनुसार, कविता वर्ष 2022 से QFX कंपनी से जुड़ी हुई थी। उसने स्वयं और अपने परिजनों के नाम पर आईडी बनाकर निवेश किया तथा अपनी रेफरल आईडी के माध्यम से अन्य लोगों को जोड़कर बड़ा नेटवर्क तैयार किया।
एसटीएफ के अनुसार, कविता परमार कंपनी में सीनियर ईगल एग्जीक्यूटिव के पद तक पहुंच गई थी। उसकी रोबो आईडी से लगभग 10 से 15 हजार लोगों के जुड़े होने की जानकारी मिली है। पूछताछ में उसने कंपनी से प्रतिमाह करीब 1,000 अमेरिकी डॉलर का लाभ मिलने की बात भी बताई।
कंपनी के खर्च पर 12 से 13 बार विदेश यात्रा
पूछताछ में कविता ने बताया कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच वह कंपनी के सेमिनार में शामिल होने के लिए मलेशिया, थाईलैंड, दुबई और वियतनाम की लगभग 12 से 13 बार यात्रा कर चुकी है। इन यात्राओं के दौरान आने-जाने, रहने और खाने का पूरा खर्च कंपनी की ओर से वहन किया जाता था।
आरोप है कि कविता देहरादून सहित उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में कंपनी का प्रचार-प्रसार करती थी। इसके लिए Zoom Meeting और WhatsApp ग्रुप का सहारा लिया जाता था। ऑनलाइन बैठकों में एक समय पर करीब 1,000 लोग तक जुड़ते थे और उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था।
डॉलर के रूप में दिखाई जाती थी केवल फर्जी रकम
एसटीएफ की पूछताछ में निवेश के नाम पर चल रहे इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया है। कविता के अनुसार, निवेशकों द्वारा कंपनी के बैंक खातों में जमा कराई गई धनराशि के बदले उनके ऑनलाइन खातों में डॉलर के रूप में केवल संख्याएं दिखाई जाती थीं। ये संख्याएं वास्तविक धनराशि नहीं होती थीं।
दो मोबाइल फोन बरामद
एसआईटी ने विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर नवीन सिंह नेगी पुत्र हर्षवर्धन सिंह नेगी (35 वर्ष), निवासी ग्राम ब्यूरो देबल, तहसील बसुकेदार, जिला रुद्रप्रयाग, हाल निवासी सिद्धि विनायक कॉलोनी, रायपुर, देहरादून तथा कविता परमार (36 वर्ष), निवासी बालावाला, देहरादून को गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी थाना डोईवाला में दर्ज मुकदमा संख्या 204/2026, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 3/21 BUDS Act के तहत की गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक विवो और एक ओप्पो समेत दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, बैंकिंग विवरण, WhatsApp चैट, ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की संभावना है।
एसटीएफ के अनुसार, मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, निवेशकों से जुटाई गई धनराशि तथा पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
