देहरादून ,
राजधानी देहरादून में रैपिडो कैब यात्रा के दौरान एक महिला जज के साथ अभद्रता, धमकी देने और अपहरण की कोशिश का आरोप सामने आया है। महिला जज की शिकायत के अनुसार, चालक ने निर्धारित किराये से दोगुने पैसे मांगे और विरोध करने पर उन्हें कथित तौर पर सुनसान व अंधेरी गली में ले गया। शिकायत के आधार पर डालनवाला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
नौ किलोमीटर की यात्रा के लिए दोगुना किराया मांगने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, 21 अक्टूबर की शाम करीब 6:11 बजे महिला जज ने बलबीर रोड स्थित जजेज कॉलोनी के अपने आवास से सौड़ा सरोली, मालदेवता के पास जाने के लिए रैपिडो कैब बुक की थी। यात्रा शुरू होने के कुछ समय बाद चालक ने करीब नौ किलोमीटर के सफर के लिए निर्धारित किराये से दोगुनी रकम मांगी। महिला जज ने ऐप पर तय किराया देने की बात कहते हुए अतिरिक्त पैसे देने से इनकार कर दिया।
सुनसान गली में ले जाने और धमकाने का आरोप
महिला जज का आरोप है कि किराये को लेकर विवाद बढ़ने पर चालक ने निर्धारित रास्ता छोड़कर गाड़ी एक अंधेरी और सुनसान गली में मोड़ दी, जहां आगे का रास्ता बंद था। इससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता हुई।
उन्होंने तत्काल अपने कोर्ट मोहर्रिर को फोन कर घटना की जानकारी दी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि चालक ने धमकी देते हुए पुलिस में अपनी अच्छी पहचान होने की बात कही। महिला जज ने रैपिडो कस्टमर केयर पर भी शिकायत दर्ज कराई।
जजेज कॉलोनी के गेट पर भी हंगामे का आरोप
शिकायत के अनुसार, बाद में चालक गाड़ी को जजेज कॉलोनी के गेट के बाहर ले आया। वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड ने जब उससे पूछताछ की तो चालक पर उसे भी धमकाने का आरोप है। इस दौरान करीब आधे घंटे तक हंगामा होने की बात कही गई है।
कोर्ट मोहर्रिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को थाने ले गई। पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
महिला जज ने मांगी सुरक्षा
महिला जज ने शिकायत में आशंका जताई है कि चालक उनका घर देख चुका है और भविष्य में उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने पुलिस से उचित कार्रवाई करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस जांच जारी: फिलहाल अभद्रता, धमकी और अपहरण की कोशिश से जुड़े आरोप शिकायत पर आधारित हैं। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
