31 अक्टूबर को श्रीनगर, 2 नवंबर को देहरादून और 3 नवंबर को रुद्रपुर में निकलेगी पदयात्रा, देहरादून में 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा
देहरादून ,
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और राजनीतिक गतिविधियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान की जानकारी देते हुए कांग्रेस पर लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने और जनादेश का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अभियान का पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जिस तरह के राजनीतिक हालात बनाने का प्रयास किया जा रहा है, वह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिशें लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं। भाजपा इस अभियान के माध्यम से जनता के बीच जाकर इन मुद्दों को उठाएगी।
श्रीनगर, देहरादून और रुद्रपुर में होंगी पदयात्राएं
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि अभियान के तहत 31 अक्टूबर को श्रीनगर में बड़े स्तर पर पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 2 नवंबर को देहरादून में विशाल पदयात्रा आयोजित होगी, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। वहीं, 3 नवंबर को रुद्रपुर में पदयात्रा निकाली जाएगी। इन कार्यक्रमों के बाद प्रदेश के सभी 13 जिलों में भी पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के जरिए लोकतांत्रिक मूल्यों, जनादेश और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़े विषयों को जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद से कांग्रेस जनता के फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रही है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के लंबे राजनीतिक कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने करीब 60 वर्षों तक देश में शासन किया, लेकिन बाद में जनता ने उसे सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सोच ऐसी रही है, मानो देश की सत्ता और संसद पर केवल उसी का अधिकार हो।
धामी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी हताशा जाहिर कर रहे हैं और नेता प्रतिपक्ष के पद की मर्यादा का ध्यान नहीं रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है और सभी राजनीतिक दलों को उसका सम्मान करना चाहिए।
मतदाता सूची के शुद्धिकरण को बताया आवश्यक
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका नाम भी पहले तीन स्थानों पर दर्ज था, लेकिन शुद्धिकरण की प्रक्रिया के बाद उसे एक स्थान तक सीमित कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि उनका जन्म और शिक्षा पिथौरागढ़ में हुई थी। खटीमा में कार्य करने के दौरान उनका नाम वहां के साथ देहरादून की मतदाता सूची में भी दर्ज था। प्रक्रिया के बाद उनका नाम केवल एक स्थान पर रखा गया।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि मतदाता सूची को सही और व्यवस्थित बनाने की प्रक्रिया को गलत कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विवाह के बाद जब कोई महिला अपने पुराने निवास स्थान से दूसरे शहर में रहने लगती है, तो नियमानुसार मतदाता सूची में उसका नाम नए निवास स्थान पर दर्ज कराया जाता है। उन्होंने कांग्रेस पर इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
चुनावी हार को लेकर कांग्रेस पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पार्टी को विभिन्न राज्यों में लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार में कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी को अपनी राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और चुनावी नतीजों के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अनुचित नारों के जरिए लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में होना चाहिए।
धामी ने युवा पीढ़ी को ‘जेन-जी’ के बजाय ‘इन-जी’ यानी ‘इंडियन जेनरेशन’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश का युवा जागरूक है और राष्ट्र के भविष्य को लेकर आश्वस्त है।
त्योहारों के दौरान प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित होने का दावा
मुख्यमंत्री ने नवरात्र और दशहरे जैसे त्योहारों के दौरान हुए प्रदर्शनों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय समाज में सकारात्मक माहौल होना चाहिए, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकें।
धामी ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को करीब दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान कारोबार प्रभावित होने से व्यापारियों और अन्य संबंधित वर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विकास कार्यों और भविष्य के विजन के साथ जनता के बीच जाएगी भाजपा
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा पिछले पांच वर्षों में किए गए विकास कार्यों का विवरण जनता के सामने रखेगी। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों के लिए सरकार का विजन और एजेंडा भी प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने युवाओं से ‘कैसा हो हमारा उत्तराखंड’ विषय पर सुझाव मांगे थे। इस पहल के तहत कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री के अनुसार, विद्यार्थियों से प्राप्त सकारात्मक सुझावों पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
भाजपा का यह अभियान प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने के साथ जनता तक पार्टी का पक्ष पहुंचाने का माध्यम बनेगा। वहीं, अभियान के तहत प्रस्तावित पदयात्राओं के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
