959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन पर मंथन, दो लिफ्ट और इलेक्ट्रिफिकेशन का अतिरिक्त प्रावधान
देहरादून ,
पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण कार्य को गति देने की दिशा में शासन स्तर पर कवायद तेज हो गई है। परियोजना के पुनरीक्षित आगणन को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में राज्य सचिवालय में आवास विभाग की सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी पिथौरागढ़, विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान परियोजना के तकनीकी पहलुओं, संशोधित लागत, निर्माण की आवश्यकता और पार्किंग की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तावित पार्किंग की क्षमता 43 कारों की होगी। निर्माण पूरा होने के बाद न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी पार्किंग की सुविधा मिल सकेगी।
959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन पर चर्चा
जिला न्यायालय परिसर में तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण के लिए प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, पिथौरागढ़ की ओर से संशोधित विस्तृत आगणन तैयार किया गया है। तकनीकी स्वीकृति के लिए गठित टीएसी से अनुमोदित 959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में बैठक में विचार-विमर्श किया गया।
परियोजना के लिए शासनादेश संख्या 199681/2024, दिनांक 16 मार्च 2024 के माध्यम से कुल लागत का 40 प्रतिशत यानी 270.61 लाख रुपये जारी किए जाने का उल्लेख किया गया। निर्माण कार्य की आवश्यकताओं और अतिरिक्त प्रावधानों के चलते अब अतिरिक्त धनराशि की जरूरत सामने आई है।
बैठक में पुनरीक्षित आगणन में हुई 282.93 लाख रुपये की वृद्धि के कारणों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार, संशोधित प्रस्ताव में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इन मदों के कारण परियोजना की लागत में बढ़ोतरी हुई है।
समिति ने लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता को निर्देश दिए कि अतिरिक्त लागत के कारणों को लिखित रूप में स्पष्ट करते हुए विस्तृत जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जा सके।
न्यायालय परिसर के साथ आमजन को भी मिलेगा लाभ
प्रस्तावित पार्किंग मार्केट वाली रोड पर स्थित है। ऐसे में इसका लाभ केवल जिला न्यायालय परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। पार्किंग सुविधा उपलब्ध होने से न्यायालय में आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी वाहन खड़े करने में सुविधा मिलेगी।
सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता : डॉ. आर. राजेश कुमार
आवास विभाग की सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग का उद्देश्य न्यायालय आने वाले लोगों और आमजन को व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। पुनरीक्षित आगणन में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया गया है। समिति के निर्देशों के अनुरूप अतिरिक्त लागत का विस्तृत विवरण मिलने के बाद स्वीकृति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।