गदरपुर ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गदरपुर दौरे के दौरान शुक्रवार को राजनीतिक माहौल उस समय गर्मा गया, जब कांग्रेस महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महासचिव शिल्पी अरोड़ा को विरोध प्रदर्शन के लिए जाते समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत गदरपुर पहुंचे थे। उनके आगमन से पहले ही कांग्रेस महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महासचिव शिल्पी अरोड़ा अपने समर्थकों के साथ सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में थीं। पुलिस प्रशासन को पहले से ही विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
बताया जा रहा है कि जैसे ही शिल्पी अरोड़ा अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ीं, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आगे बढ़ने से मना किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए हिरासत में ले लिया। इस दौरान उनके साथ मौजूद कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने रोक दिया।
हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रशासन की कार्रवाई की निंदा की।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए एहतियातन यह कदम उठाया गया। अधिकारियों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन की अनुमति निर्धारित स्थान पर नहीं थी और सुरक्षा कारणों से संबंधित लोगों को हिरासत में लिया गया।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई थी। यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित रखा गया ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत आवश्यक कदम उठाए गए और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष की आवाज को इसी तरह दबाया गया तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन तेज करेगी। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं को समर्पित था तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
फिलहाल, शिल्पी अरोड़ा को हिरासत में लेने की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।