देहरादून ,
जनपद में आपदा प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा न्यूनीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी दी गई।
ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में नदियों के चैनलाइजेशन, ड्रेजिंग और भूस्खलन रोकथाम से जुड़े प्रस्तावों को आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने जनहित और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
28 संवेदनशील स्थलों पर होगा कार्य
प्रशासन ने जनपद के 28 जोखिम भरे नदी तटों पर चैनलाइजेशन और सुरक्षात्मक कार्यों को मंजूरी दी है। मानसून के दौरान संभावित नुकसान को देखते हुए इन कार्यों को अत्यंत आवश्यक बताया गया है।
नदी तटों और भूस्खलन क्षेत्रों पर विशेष फोकस
हरिपुर कालसी क्षेत्र में यमुना नदी तट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाट निर्माण, कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड में क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन में उपचार कार्य, भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग पर चंद्रभागा नदी किनारे रिवर ड्रेसिंग जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है।
संयुक्त समिति करेगी निरीक्षण
राष्ट्रीय राजमार्ग-507 सहित विभिन्न स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्यों के लिए उपजिलाधिकारी, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई है, जो स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विभागों से मांगे गए नए प्रस्ताव
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा ने बताया कि विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों को स्वीकृति दी जा चुकी है। साथ ही शेष प्रस्तावों को शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्य पूरे किए जा सकें।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर सिंह कौर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का उद्देश्य है कि आपदा न्यूनीकरण के माध्यम से जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और संभावित खतरों को पहले ही नियंत्रित किया जा सके।
